केरल निकाय चुनावों में भाजपा ने किया प्रदर्शन बेहतर
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केरल में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को झटका लगा है। माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ को इस चुनाव में जहां बहुमत मिला है, वहीं भाजपा ने भी कड़ी टक्कर देते हुए प्रदर्शन में सुधार किया है।
गौरतलब है कि स्थानीय निकाय चुनाव को विधान सभा चुनाव का सेमी फाइनल माना जा रहा है। दो चरणों में हुए चुनावों के परिणामों के अनुसार, शहर के छह निगमों में से चार पर एलडीएफ ने जीत हासिल की है। इसमें नगरपालिका की 86 में से 45 सीटें शामिल हैं।
दूसरी तरफ यह ग्राम पंचायत के चुनाव में भी 941 में से 545 सीटों पर आगे चल रही थी। यूडीएफ सिर्फ दो निगमों के लिए जीत हासिल कर सकी है। इसने 40 नगरपालिकाओं और 366 ग्राम पंचायत की सीटें जीती हैं।
इस जीत से उत्साहित वाम मोर्चा और भाजपा ने सत्ताधारी पार्टी का प्रचार अभियान संभालने वाले मुख्यमंत्री ओमेन चैंडी के इस्तीफे की मांग की है।
श्री नारायणा धर्म परिपालना योगम के साथ से बीजेपी को हुआ फायदा
लोकसभा चुनाव में सफलता का स्वाद न चख सकी भाजपा ने भी एक नगरपालिका और ग्राम पंचायत की 14 सीटें जीती हैं लेकिन कई स्थानों जैसे तिरुवनंतपुरम, एर्णाकुलम और पलक्कड़ में यूडीएफ और एलडीएफ दोनों को कड़ी टक्कर दी है।
भाजपा की सफलता को बेहतर कहा जा सकता है क्योंकि पिछले चुनाव में इसे मात्र छह वार्डों पर जीत हासिल हुई थी। केरल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का राजनीतिक एजेंडा श्री नारायणा धर्म परिपालना योगम के साथ सहयोग करने का है।
यह एक पिछड़े इझावा समुदाय का संगठन है जिसके महासचिव वेल्लाप्पाली नातेसन हैं। इसके साथ जुड़ने से भाजपा को लाभ हुआ है।