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'साध्वी प्रज्ञा सिंह को जिंदा देखना चाहते हैं या नहीं?'

Sat, 19 Jan 2013 10:12 AM IST
मुंबई/इंटरनेट डेस्क
मुंबई/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 19 Jan 2013 10:12 AM IST
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Will you object to Sadhvi Pragya Singh Thakur's bail on health ground: HC asks govt

कैंसर से जूझ रही मालेगांव ब्लास्ट की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बांबे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई।

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बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को चिकित्सा आधार पर जमानत दिए जाने पर उसे कोई आपत्ति है?

अदालत ने पुलिस हिरासत में प्रज्ञा के इलाज पर अड़ी सरकार से यहां तक कह दिया कि वह साध्वी को जिंदा देखना चाहती है या नहीं?

न्यायमूर्ति आरसी चव्हाण ने यह जानना चाहा कि अगर साध्वी उपचार के लिए जमानत चाहती है तो क्या सरकार इसका विरोध करेगी? न्यायाधीश ने सरकार को आदेश दिया कि वह इस मुद्दे पर विचार करे और 28 जनवरी को बयान दे।
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साध्वी के वकील महेश जेठमलानी ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल को उपचार के लिए जमानत की जरूरत है। वह पुलिस हिरासत में उपचार नहीं कराना चाहती।
   
दूसरी ओर सरकारी पक्ष के वकील ने कहा कि साध्वी पुलिस हिरासत में रहते भी अस्पताल में अपना उपचार करा सकती है और उसे सभी जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी।
    
अदालत ने कहा कि उसकी हालत ठीक नहीं है और वह सुनवाई से भागेगी नहीं। ऐसे मामलों में आमतौर पर जमानत दी जाती है। न्यायाधीश ने सवाल किया कि क्या आप उसे जिंदा देखना चाहते हैं या नहीं?
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एक सप्ताह पहले अदालत ने साध्वी से इस बारे में सूचित करने के लिए कहा था कि वह कैंसर की सर्जरी यहां कराना चाहती है या भोपाल में। अब न्यायाधीश चव्हाण ने उसे उपचार के संदर्भ में अपनी पसंद का स्थान बताने के लिए कहा है।


उधर, मालेगांव विस्फोट मामले की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को गुजरात की साबरकांठा पुलिस ने मोडासा ब्लास्ट केस में राहत दे दी है। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में साध्वी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं।


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