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अंबेडकर के बहाने संसद में असहिष्णुता पर छिड़ेगी जंग

Wed, 25 Nov 2015 09:05 AM IST
Updated Wed, 25 Nov 2015 09:05 AM IST
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will war on intolerence over ambedkar in Parliament session

संसद के शीतकालीन सत्र की औपचारिक बैठक से पहले ही सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती कथित असहिष्णुता पर तीखी सियासी जंग के आसार हैं। दरअसल, संविधान को अपनाए जाने की याद में सत्र के शुरू के दो दिनों में होने वाली विशेष बैठक में दोनों ही पक्षों ने संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर के बहाने परस्पर हमले की रणनीति बनाई है।

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सरकार और भाजपा जहां कथित तौर पर अंबेडकर को उनके कद के अनुरूप महत्व न मिलने का सवाल उठाएगी, तो विपक्ष संविधान के बहाने देश में बढ़ती असहिष्णुता पर सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा। दरअसल, सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है, क्योंकि इसी दिन संविधान को अपनाया गया था। इस अवसर पर चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, दो दिनों की चर्चा में सभी दलों के नेताओं को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।
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वहीं लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी असहिष्णुता के मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए नोटिस दिया है।  कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने हालांकि 30 दिसंबर को संसद के दोनों सदनों में बढ़ती असहिष्णुता पर चर्चा के लिए नोटिस दिए हैं, मगर परोक्ष रूप से अंबेडकर को याद करने के बहाने सरकार और विपक्ष इस मुद्दे पर विशेष बैठक में ही आमने सामने हाेंगे। वहीं संसद चलाने पर सहमति बनाने को लेकर बुधवार को बैठक बुलाई गई है।
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एक दूसरे पर बढ़ाते बनाने की कोशिश

will war on intolerence over ambedkar in Parliament session

फिलहाल जारी अंबेडकर जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान सरकार ने लंदन स्थित उनकी यादों से जुड़े भवन को खरीदने के अलावा कई अन्य निर्णय लिए हैं। इसके अलावा इस दौरान सरकार और भाजपा की ओर से आजादी के चार दशक से भी अधिक समय बाद उन्हें दिए गए भारत रत्न को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा जा रहा है। इनकी कोशिश इस बहाने अंबेडकर की विरासत पर अपना दावा जताने की है।

असहिष्णुता के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस देने के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 27 नवंबर को सुबह दस बजे सभी सांसदों की बैठक बुलाई है। असहिष्णुता पर जारी देशव्यापी बहस और बिहार विधानसभा चुनाव के सकारात्मक नतीजे से उत्साहित विपक्ष ने अंबेडकर के बहाने ही सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

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