फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   will Modi Mania show in London?

अब क्या लंदन में भी दिखेगा मोदी मेनिया?

Wed, 11 Nov 2015 05:19 AM IST
Updated Wed, 11 Nov 2015 05:19 AM IST
विज्ञापन
will Modi Mania show in London?

शुक्रवार को जब नरेंद्र मोदी लंदन पहुंचेंगे तो संभावना है कि पूरा शहर मोदीमय हो जाएगा। बतौर प्रधानमंत्री ये मोदी की पहली ब्रिटेन यात्रा होगी। प्रधानमंत्री बनने के 18 महीने के अंदर मोदी जहां भी गए वहां उनकी खूब जय जयकार हुई है। उत्तरी लंदन के वेम्ब्ले स्टेडियम में मोदी एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में करीब 60 हजार प्रवासी भारतीयों के शिरकत करने की संभावना है।

विज्ञापन


'यूके वेलकम्स मोदी' संस्था की एक महिला प्रवक्ता के मुताबिक, 'अब तक जितने नेताओं ने ब्रिटेन का दौरा किया, केवल नेल्सन मंडेला और पोप ही होंगे जिन्होंने मोदी से बड़ी जनसभा को संबोधित किया है।' लंदन स्थित प्रकाशक और समीक्षक सीबी पटेल का मानना है कि लंदन में रहने वाले भारतीय मूल के लोग बेसबरी से मोदी का इंतजार कर रहे हैं जिसे वो मोदी मेनिया मानते हैं।
विज्ञापन

इसका कारण जानने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना जरूरी है, जो इस प्रकार हैं।

खास बात है कि बतौर प्रधानमंत्री मोदी जहां भी जाते हैं वो प्रवासी भारतीयों से सीधे संपर्क साधते हैं। मोदी खुलकर प्रवासी भारतीयों का समर्थन मांगते हैं जो एक नया ट्रेंड है। मोदी ने हमेशा प्रवासियों की उपलब्धियों और भारत को गौरवान्वित करने के लिए उनकी प्रशंसा की है। ब्रिटेन में भारी तादाद में गुजराती रहते हैं और ये मौका होगा गुजराती समुदाय को गर्व करने का क्योंकि मोदी भी एक गुजराती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ रही है टिकटों की मांग

will Modi Mania show in London?

विदेशों में रहने वाले भारतीय, देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। विदेशों में रहने वाले तीन करोड़ भारतीय, देश की अर्थव्यवस्था में 7 करोड़ डॉलर का योगदान देते हैं। मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने प्रवासियों को इतना महत्व दिया है। अब तक मोदी न्यू यॉर्क के मैडिसन स्क्वेयर गार्डन से लेकर दुबई के क्रिकेट स्टेडियम और सेशल्स से पैरिस तक जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं।

वेम्ब्ले में मोदी को सुनने के लिए टिकटों की मांग बढ़ रही है और संयोजकों का कहना है कि वो इस मांग को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस आयोजन के लिए करीब 10 हजार लोगों ने चंदा दिया है जिसमें कई उद्योगपति भी शामिल हैं। ये उद्योगपति आयोजन के खर्च के साथ विज्ञापनों का खर्च भी उठा रहे हैं। हालांकि ब्रिटेन में रहने वाले सभी 15 लाख भारतीय मूल के लोग उनके आने पर खुश नहीं हैं।

एक गुट ऐसा भी है जो मोदी के ब्रिटेन आने का विरोध करेगा। ये विरोध भारत मे बढ़ती असहिष्णुता और उनके सरकार चलाने के रवैए के विरोध में आयोजित किया जाएगा। मोदी का दौरा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे के ठीक बाद हो रहा है। इस दौरान मोदी प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन को इस बात का भरोसा दिलाने की कोशिश करेंगे की चीन से ज्यादा भारत उसका भरोसेमंद साथी साबित हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed