दिल्ली के दंगल में अब 'मोदी मैजिक' ही सहारा
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में सर्वेक्षण के नतीजों और फीडबैक से चिंतित भाजपा की आखिरी उम्मीदें अब पीएम नरेंद्र मोदी से चमत्कार की आस पर टिक गई है।
वरिष्ठ नेता मान रहे हैं कि किरण बेदी को आगे किए जाने के बावजूद पार्टी उनके जरिए अपने कोर वोट बैंक के इतर जीत हासिल करने के लिए जरूरी नया वोट बैंक खड़ा नहीं कर पाई है।
आम आदमी पार्टी से कांटे की टक्कर के बीच पीएम मोदी ने भी सीएम पद की उम्मीदवार बेदी की नहीं, बल्कि अपनी गारंटी पर वोट मांगना शुरू कर दिया है। बेदी भी चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में उनके नाम से ही चुनावी नैया पार लगाने में जुटी हैं।
मालूम हो कि विभिन्न चैनलों और समाचार पत्रों के सर्वेक्षण में आप को जहां बहुमत मिलने का दावा किया गया है, वहीं मिल रहे फीडबैक में कांग्रेस का उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन न करने और उसका वोट बैंक आप की ओर मजबूती से खिसकने की बात कही जा रही है।
अपनी गारंटी पर वोट मांगे
ऐसे में पार्टी रणनीतिकारों ने चुनाव प्रचार के अंतिम तीन दिनों तक आप पर तीखा हमला जारी रखने के साथ मोदी और केंद्र सरकार के कामकाज के आधार पर वोट मांगने का फैसला किया है।
विधानसभा चुनाव की तीसरी रैली में मोदी ने अपने भाषण में भी पार्टी की रणनीति साफ कर दी। उन्होंने न केवल अपनी गारंटी पर वोट मांगे, बल्कि दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने का वादा भी किया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, बेदी को इस उम्मीद से पार्टी का चेहरा बनाया गया था कि वह न केवल केजरीवाल को उलझा देंगी, बल्कि उनके आने से पार्टी के पक्ष में महिलाओं का तेजी से झुकाव होगा। मगर इसके उलट पार्टी को उनकी वजह से नाराज नेताओं-कार्यकर्ताओं को मनाने में अलग से मशक्कत करनी पड़ी।
कांग्रेस भी भाजपा की उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करती नहीं दिख रही है। ऐसे में कांग्रेस का वोट बैंक फिलहाल आप की ओर झुका नजर आ रहा है। हालांकि उक्त नेता का यह भी मानना था कि मोदी अपने चमत्कार से इस स्थिति में बदलाव ला सकते हैं।