भारत में भी होगी पाकिस्तानी आतंकियों को फांसी?
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पाकिस्तान में आतंकियों को फांसी देने की प्रक्रिया तेज होने के बाद अब भारत सरकार पर भी इस बात का दबाव बढ़ रहा है कि वह याकूब मेमन सरीखे दहशतगर्दों को फांसी पर लटकाए। देश में 477 ऐसे कैदी हैं जिन्हें मौत की सजा दी चुकी है।
इनमें अकेले उत्तर प्रदेश से 174 मामले हैं। इसमें ऐसे 27 सजायाफ्ता भी हैं, जिनकी दया याचिका राष्ट्रपति की ओर से खारिज हो चुकी है। देश में फांसी की सजा पाने वालों की बढ़ती सूची पर चिंता जताते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आरएस सोढी का कहना है कि या तो फांसी का प्रावधान खत्म हो या जब दया याचिका खारिज हो जाए तो फांसी देने में विलंब न किया जाए।
दया याचिका खारिज होने के बाद ज्यादा विलंब पर दोषी को बच निकलने का रास्ता भी मिलता है। जब न्यायालय दोषी की फांसी की सजा तय करता है, तो उस वक्त उसे पीड़ित को न्याय का हवाला देते हुए कठोर सजा देनी पड़ती है।
देश में मौत की सजा पाए करीब 477 कैदी
हालांकि सर्वोच्च न्यायालय की हालिया व्यवस्था के तहत फांसी में अत्यधिक विलंब होने पर सजा को उम्रकैद में बदलने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में फांसी की सजा के औचित्य पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
वहीं देश में बढ़ते अपराध के पीछे कानून का भय कम होने को वजह माना जाता है। फांसी की सजा पाने वाले लोग जघन्य अपराधों के दोषी होते हैं, लेकिन सजा में विलंब होने पर अपराध करने वालों का हौसला बढ़ता है। याकूब मेनन सन 1993 में मुंबई बम ब्लास्ट का आरोपी है।
राष्ट्रपति ने मेनन की दया याचिका 11 अप्रेल 2014 को खारिज कर दी थी। हालांकि इसके बाद भी उसे फांसी पर नहीं लटकाया जा सका। वहीं गृह मंत्रालय को देश की अलग-अलग जेलों में बंद 125 पाकिस्तानी आतंकियों की सुरक्षा की चिंता भी सता रही है।
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकी अपने साथियों को छुड़ाने के लिए जेलों पर भी हमला बोल सकते हैं। देश में आतंकी हमलों की आशंका के मद्देनजर सरकार ने जेलों की भी सुरक्षा बढ़ा दी है। अकेले दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही 17 पाकिस्तानी आतंकी कैद हैं। गृह मंत्रालय ने तिहाड़ जेल की सुरक्षा का अलर्ट भी जारी किया है।
राष्ट्रपति ने खारिज की बहुतों की दया याचिका
राष्ट्रपति के यहां से दया याचिका खारिज हुए फांसी के सजायाफ्ताओं की सूची
-साईबाना निंगप्पा नाटिकर, बेटी और पत्नी का हत्यारा
-साईमन, गनन प्रकाश, मदैया और बिलावांद्रा, कुख्यात चंदन तस्कर एम वीरप्पन के सहयोगी। 22 पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा
-सुरेश और रामजी, संपत्ति विवाद में 5 लोगों की हत्या की।
-गुरमीत सिंह, 13 लोगों को मौत के घाट उतारा
-जफर अली, पत्नी और पांच बेटियों का हत्यारा
-धर्मपाल, हत्या का जुर्म
-परवीन कुमार, परिवार के चार सदस्यों की हत्या की
-सुंदर सिंह, 5 लोगों की हत्या के दोषी
-बीए उमेश, विधवा से बलात्कार और हत्या का दोषी
-सोनिया और संजीव, परिवार के आठ लोगों की हत्या के दोषी
-मगन लाल, 5 बेटियों का हत्यारा
-शिबु एवं जडेस्वामी, बलात्कार और हत्या के गुनहगार
-अजय कुमार पाल, 5 लोगों की हत्या का दोषी
-याकूब रज्जाक मेमन, 1993 के मुंबई बम धमाके का दोषी
-सोनू सरदार, 5 लोगों की निर्मम हत्या का दोषी
-होली राम बरदोलोई, असम में 3 लोगों की हत्या का दोषी
-रेणुका बाई और सीमा गोवित, दोनों बहने 13 बच्चों के अपहरण और नौ की हत्या की दोषी
-जगदीश, पत्नी और 5 बेटियों का हत्यारा
-सुरेंद्र कोली, निठारी कांड का दोषी
-राजेंद्र प्रहलाद राव वासनिक, शारीरिक और हत्या का दोषी
आजादी के बाद इन लोगों को मिली फांसी
-नाथूराम गोडसे
-नारायण आप्टे
-आटो शंकर
-धनन्जय चटर्जी
-अफजल गुरू
-अफजल कसाब
पाक में 55 आतंकियों को जल्द दी जा सकती है फांसी
पेशावर की आतंकी घटना के बाद फांसी की सजा से प्रतिबंध हटा चुका पाकिस्तान कुछ दिनों के भीतर कई आतंकियों को फांसी देने जा रहा है। अगले कुछ दिनों में 55 आतंकियों को फांसी पर लटकाया सकता है। मीडिया खबरों के मुताबिक ये वे दोषी हैं जिनकी दया याचिका खारिज हो चुकी है।
पाकिस्तान में आतंकवाद तथा अन्य गंभीर अपराध के मामलों में 522 अपराधियों की मौत की सजा दी गई है, इनमें 11 को सजा सेना की अदालत ने दी है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सबसे ज्यादा 465 मौत की सजा पाएं अपराधी हैं जबकि 30 खैबर-पखतून्खवा से, 14 सिंध से और 13 बलूचिस्तान के हैं। 55 दोषियों की दया याचिका हाल में ही सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति मैमनून हुसैन ने खारिज कर दी थी। कहा जा रहा है कि उन्हीं में से 17 को एक-दो दिन के भीतर फांसी के तख्त पर लटका दिया जाएगा। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबरों के मुताबिक जल्द ही डेथ वारंट जारी किया जाएगा और उनके परिवार वालों के आखिरी बार मुलाकात के लिए बुलाया जाएगा।
मालूम हो कि पाकिस्तान में 2008 से फांसी की सजा पर प्रतिबंध था जिसे पीएम नवाज शरीफ ने पेशावर की घटना के बाद हटा लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा था कि यदि आतंकवादियों को नहीं सजा दी जाएगी तो किसी सजा दी जाए? खबर है कि पाक गृहमंत्रालय ने 120 दया याचिकाओं पर विचार के लिए आगे बढ़ा दिया है। जानकारी के मुताबिक पाक की पांच दर्जन जेलों में मौत की सजा पाए 8,261 कैदी बंद हैं। प्रतिबंध हटने के बाद इनमें से ज्यादातर को सप्ताह भर के भीतर फांसी देने की बात है।