महाराष्ट्र: अल्पमत सरकार बना सकती है BJP
शिवसेना की अकड़ ढीली करने के लिए उससे समर्थन मांगने की बजाय महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी अल्पमत सरकार बना सकती है। मुख्यमंत्री के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फडऩवीस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पहली पसंद हैं।
शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने भाजपा को बिना शर्त बाहर से समर्थन देने का ऐलान करके भाजपा के लिए सरकार बनाने का रास्ता आसान कर दिया है। यह जानकारी देने वाले भाजपा के एक नेता का कहना है कि त्रिशंकु विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ा दल होने के नाते राज्यपाल सबसे पहले उसे ही सरकार बनाने के लिए बुलाएंगे।
दिल्ली के उलट महाराष्ट्र में भाजपा तब सरकार बनाने का अपना दावा पेश करेगी और सदन में बहुमत साबित करने के लिए समय मांगेगी। मुख्यमंत्री और मंत्रियों की शपथ के बाद भाजपा सदन में विश्वास मत लेकर आएगी और महाराष्ट्र के हित और विकास के नाम पर समर्थन की अपील करेगी। इसके बाद जो भी बिना शर्त समर्थन देगा, पार्टी उसका स्वागत करेगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेहद नज़दीकी इस भाजपा नेता के मुताबिक एनसीपी समर्थन का ऐलान कर चुकी है, इसलिए सरकार को बहुमत साबित करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। साथ ही समान मत वाले निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी सरकार को मिल सकता है।
नहीं मांगेगी किसी से समर्थन
भाजपा के रणनीतिकार माने जाने वाले एक अन्य वरिष्ठ नेता के मुताबिक एनसीपी नेताओं के साथ पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की बातचीत लोकसभा चुनाव और उसके बाद भी लगातार होती रही है।
शिवसेना से गठबंधन टूटने के बाद भी अनौपचारिक चर्चा होती रही है। क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने भाजपा को बहुमत न मिलने पर शिवसेना की सौदेबाजी के आगे न झुकने केलिए प्लान बी के तहत एनसीपी के साथ संपर्क बनाए रखा।
नतीजों के बाद जिस तरह एनसीपी ने अपनी ओर से बाहर से समर्थन का ऐलान किया है, पार्टी नेतृत्व ने उसे सकारात्मक रूप से लिया है। यह पूछने पर कि क्या एनसीपी का समर्थन लेने से भाजपा की किरकरी नहीं होगी, उक्त नेता का कहना है कि भाजपा न एनसीपी से समर्थन मांगेगी और न ही शिवसेना से।
सदन में जो बिना शर्त अपनी पहल पर समर्थन देगा, उसे लेने में क्या कठिनाई है। जहां तक एनसीपी के पूर्व मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की बात है तो उन मामलों में कानून अपना काम करेगा। पार्टी का मुख्य ध्येय महाराष्ट्र में एक साफ सुथरी और विकास परक पारदर्शी सरकार देना होगा।
कौन बनेगा मुख्यमंत्री?
भाजपा रणनीतिकारों का मानना है कि एक बार जब भाजपा सरकार यह दिखा देगी कि वह समर्थन के लिए शिवसेना पर निर्भर नहीं है, उसके बाद अगर शिवसेना नरम रूख करके साथ आना चाहेगी तब उस पर विचार किया जा सकेगा।
लेकिन अभी शिवसेना के दबाव या सियासी सौदेबाजी के आगे भाजपा नहीं झुकेगी। जहां तक मुख्यमंत्री का सवाल है तो देवेंद्र फडऩवीस, विनोद तावड़े, एकनाथ खड़से और पंकजा मुंडे के नाम लिए जा रहे हैं। लेकिन फडऩवीस जो सदन में नेता विपक्ष भी थे, उनकी संभावना सबसे ज्यादा है।
उन्हें नरेंद्र मोदी, अमित शाह के साथ साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी विश्वास प्राप्त है। विदर्भ से आने वाले फडऩवीस केनाम पर नितिन गडकरी को एतराज जरूर है, जबकि फडऩवीस के पिता को गडकरी का राजनीतिक गुरु भी माना जाता है। गडकरी और फडऩवीस दोनों को ही संघ प्रमुख मोहन भागवत के बेहद निकट माना जाता है।