यूपी: बेटियां होने पर बीवी को पिलाया तेजाब
यूपी के अमरोहा में शादी के छह साल में तीन बेटियों को जन्म देने से खफा पति ने पत्नी को जमकर प्रताड़ित किया। हद तो तब हो गई जब जच्चा को पहले पीटा, फिर जबरन तेजाब पिला दिया। जानकारी मिलने पर पहुंचे विवाहिता के मायकेवालों से भी मारपीट की। गंभीर हालत में महिला को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन परिजनों ने इस मामले में पुलिस को तहरीर नहीं दी है और किसी कार्रवाई से भी इंकार कर रहे हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति के पहले से ही दो बेटियां थीं। इस बार उसे उम्मीद थी कि बेटे का जन्म होगा। लेकिन पत्नी ने इस बार भी बेटी को जन्म दिया। इस पर वह और उसके परिवार पर मानो आफत आ गई। पति व ससुराल के लोगों ने तीसरी बेटी का जन्म होने पर विवाहिता को तरह-तरह के उलाहना देकर परेशान करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि पति ने विवाहिता की पिटाई करने के बाद उसे तेजाब पिला दिया। इससे विवाहिता की हालत गंभीर हो गई। सूचना पाकर मायके वाले विवाहिता के घर पहुंचे तो ससुरालियों ने मायके वालों के साथ मारपीट की। मायके वाले मोहल्ले वालों की मदद से उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने पहले की टरकाने की कोशिश
विवाहिता को तेजाब पिलाने के मामले में पुलिस ने पहले तो परिवार के लोगों को टरकाने की कोशिश की। लेकिन जब मामला मीडिया तक पहुंचा। तब पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। हालांकि तहरीर न मिलने की बात कहकर पुलिस मामले में कार्रवाई से इंकार कर रही है।
...फिर कैसे बचेंगी बेटियां
तीन बेटियों को जन्म देने वाली विवाहिता को तेजाब पिलाकर मार डालने की कोशिश से विवाहिता सहमी हुई है। मायके वाले भी अब यह नहीं सोच पा रहे हैं कि ससुरालियों पर कार्रवाई कैसे कराई जाए, क्योंकि बेटी को आखिर रहना उसी घर में है और फिर छोटी बेटियों की परवरिश कैसे होगी। इसी वजह से मायके वालों ने अब चुप्पी साध ली है।
अमरोहा चिकित्सा अधीक्षक डा. इदरीस ने बताया कि तेजाब पिलाए जाने की सूचना के साथ एक महिला को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। जिसका उपचार चल रहा है। अगर ब्लीडिंग हुई तो महिला को रेफर किया जाएगा। पुलिस को मेमो भेजकर सूचना दी जा चुकी है।
अमरोहा कोतवाली इंस्पेक्टर शैलेंद्र प्रताप गौतम का कहना है कि अस्पताल से ढाई से तीन बजे के बीच मेमो प्राप्त हुआ, जिस पर एसआई मनोज कुमार को सीएचसी भेजा गया था। विवाहिता को डॉक्टरों ने बोलने से मना कर रखा है। इसलिए बयान नहीं हो पाए। परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। वैसे विवाहिता की हालत ठीक है।