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जब भैंस, बंदर, बकरी और भगवान तक को लगाने पड़े थाने के चक्कर

Thu, 11 Feb 2016 06:53 AM IST
Updated Thu, 11 Feb 2016 06:53 AM IST
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Wierd case in court

हाल ही में छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक मामला सामने आया जहां एक बकरी की कोर्ट में पेशी हुई। बकरी सुनवाई के लिए कोर्ट में पहुंची तो लोग मुंह बाएं ताकते रह गए। यह अजीबोगरीब किस्सा पहला नहीं था जिससे अदालत का साबका हुआ हो। कभी पुलिस तो कभी अदालत कई बार ऐसे मामलों के साक्षी बन चुके हैं जिसने उन्हें आलोचनाओं के घेरे में खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही किस्सों के बारे में।

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हनुमान जी को बनाया आरोपी, पालिका ने भेजा नोटिस
यह मामला था मध्य प्रदेश के भिंड जिले का जहां बीते साल नगर पालिका ने भगवान हनुमान के मंदिर को अवैध निर्माण बताते हुए पवनपुत्र बजरंग बली को ही नोटिस जारी कर दिया था।
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मामला दरअसल यह था कि जिले के बजरिया इलाके में किला रोड पर एक हनुमान मंदिर है। इसी मंदिर को अवैध निर्माण बताते हुए नगर पालिका की ओर से पवनपुत्र हनुमान को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह समय दिया गया।
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नगर पालिका ने अपने नोटिस में लिखा कि अगर अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका का तर्क था कि हनुमान मंदिर का कुछ हिस्सा अतिक्रमण कर बनाया गया है। इस संबंध में ग्वालियर हाई कोर्ट ने भी अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन भिंड नगर पालिका ने एक कदम आगे बढ़ते हुए इस मामले में मंदिर के पुजारी या ट्रस्ट के बजाय भगवान हनुमान के नाम से ही नोटिस जारी कर दिया।

नोटिस में भगवान हनुमान को संबोधित करते हुए लिखा गया, 'आपने सड़क पर अवैध रूप से कब्जा कर इस मंदिर का निर्माण किया है। यह गैरकानूनी है और इससे आम लोगों के साथ दुर्घटना भी घट सकती है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने भी आपके खिलाफ आदेश जारी किया है, इसलिए एक सप्ताह के अंदर यह अतिक्रमण हटा लीजिए अन्यथा आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' हालांकि बाद में पालिका ने गलती मानते हुए नोटिस वापिस ले लिया।

राम-लक्ष्मण के खिलाफ महिला उत्पीड़न का मुकदमा

Wierd case in court

ऐसा ही एक किस्सा हाल ही में सामने आया बिहार के सीतामढ़ी में। जहां जिले के डुमरी कला गांव निवासी अधिवक्ता ठाकुर चंदन सिंह ने सीजेएम कोर्ट में भगवान राम और लक्षमण के खिलाफ परिवाद दायर किया। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया गया कि त्रेता युग में भगवान राम ने एक धोबी की बातों में आकर अपनी पत्नी सीता (मां जानकी) का परित्याग कर दिया।

कोई पुरुष अपनी पत्नी के खिलाफ इतना निष्ठुर कैसे हो सकता है, वो भी तब जब वह सभी सुखों का त्याग कर उनके साथ वनवास पर रही हों। चंदन सिंह के अनुसार मुकदमा दर्ज कराने का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, मां सीता को न्याय दिलाना है।

परिवाद पत्र में चंदन सिंह ने लिखा कि सीता जी मिथिला की बेटी थी और सौभाग्य से वह भी मि‌थिला की धरती पर पैदा हुआ है। उन्हें लगता है कि भगवान राम ने मिथिला की बेटी के साथ न्याय नहीं किया इसलिए वह उन्हें न्याय दिलाना चाहता है। अभी यह मामला कोर्ट में ही अटका हुआ है। इस अजीबोगरीब याचिका को लेकर जज को भी खासी माथापच्ची करनी पड़ रही है।

लोगों को काटने पर बंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Wierd case in court

पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में बुजुर्ग को काटने पर पुलिस ने बंदर के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि यह बंदर कई अन्य लोगों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर चुका है, जिससे इलाके के लोग खासे परेशान हैं। हालांकि बंदर तो पुलिस के हाथ नहीं आया लेकिन यह मुकदमा भी काफी दिनों तक चर्चा का विषय बना रहा।

जानकारी के मुताबिक मयूर विहार फेस दो स्थित पॉकेट सी निवासी अरविंद (59) एक निजी कंपनी में काम करते हैं। बृहस्पतिवार को वह सुबह कार्यालय के लिए निकले। घर से कुछ दूर पहुंचने पर एक मोटे बंदर ने उन पर पीछे से हमला कर उनकी पीठ में काट लिया। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग जमा हो गए।

जैसे तैसे लोगों ने पत्‍थर फेंककर बंदर को हटाया। अरविंद को जख्मी हालत में देखकर घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अरविंद को लाल बहादुर अस्पताल पहुंचाया। जांच में पता चला कि बंदर इलाके के कई लोगों को जख्मी कर चुका है।

अरविंद ने अपने बयान में बंदर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पांडव नगर थाना पुलिस ने अरविंद की शिकायत पर बंदर के खिलाफ धारा 324 के तहत मामला दर्ज कर लिया। हालांकि आज तक पुलिस उस आरोपी बंदर को तलाश नहीं कर पाई है।

जज के बगीचे में घुसने पर बकरी के खिलाफ मुकदमा

Wierd case in court

छत्तीसगढ़ के कोरिया में उस समय लोग हैरत में पड़ गए जब आरोपी के रूप में एक बकरी की अदालत में पेशी हुई। बकरी के ऊपर जिन आरोपों में सुनवाई हुई उसमें उसे दो से सात साल तक की जेल भी हो सकती है। हालांकि कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। बकरी के सा‌थ उसके मालिक को भी आरोपी बनाया गया था।

ये अजीबोगरीब मामला था राजधानी रायपुर से 350 किलोमीटर दूर स्थित कोरिया जिले का। जिले के एक जज के बगीचे में बार-बार घुसने के आरोप में बकरी को गिरफ्तार कर लिया गया।

जानकारी के अनुसार कोरिया के न्यायिक मजिस्ट्रेट के बंगले में सोमवार को एक बकरी घुस गई थी। इसके बाद वहां काम करने वाले माली ने इसकी जानकारी जज साहब को दी, जज ने इसकी ‌शिकायत पुलिस से की। क्योंकि मामला जज से जुड़ा था तो पुलिस ने भी आनन फानन में कार्रवाई करते हुए बकरी और उसके मालिक अब्दुल हसन को गिरफ्तार कर लिया। लोगों की मानें तो राज्य में यह अपनी तरह का अनोखा मामला था जहां एक जानवर को इस तरह आरोपी बनाया गया।

भैंस के यौन शोषण पर युवक को पांच साल की जेल

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राजस्‍थान के सीकर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था जिसे सुनकर लोगों के होश उड़ गए। यहां एक युवक पर एक भैंस के यौन शोषण का आरोप लगा। मामले में बकायदा कोर्ट में मुकदमा चला और सुनवाई पूरी हुई। आरोपी युवक को कोर्ट ने पांच साल जेल की सजा भी सुनाई। बाद में इसी मुद्दे पर पत्रकार रहे विनोद कापडी ने मिस टनकपुर हाजिर हो नाम से फिल्म भी बनाई।

मामला साल 2007 का है। राजस्‍थान के सीकर जिले के रहने वाले सरकार बनवारी को एक भैंस से बलात्कार के आरोप लगे थे। 22 साल के बनवारी पर सिकर के ही श्याल लाल ने आरोप लगाया था कि उसने उनकी एक भैंस का बलात्कार किया है।

मामला पुलिस तक पहुंचा तो आरोपी के खिलाफ अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। मामला श्रीमाधोपुर के अतिरिक्त मुख्य दंडाधिकारी के यहां चला। पांच साल चली लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सीएफएसएल की रिपोर्ट के आधार पर बनवारी को पांच साल की सजा सुनाई। हालांकि बाद में उसे बेल मिल गई, लेकिन मामला अभी तक जारी है।

दो साल के बच्चे पर दर्ज हुआ चोरी का मुकदमा

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यूपी की पुलिस तो इन सबसे एक कदम और आगे बढ़ गई उसने चोरी के एक मामले में दो साल के बच्चे पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया। बच्चे को लेकर जब परिजन कोर्ट में पहुंचे तो पुलिस को अपनी गलती का एहसास हुआ।

जानकारी के अनुसार यूपी के सीतापुर जिले में बिजेहरा के अमित कुमार की तहरीर पर सदरपुर पुलिस ने बिना जांच पड़ताल के चोरी का केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस केस में दो साल के रवि का नाम भी शामिल किया था। इसके बाद घरवाले जब बच्चे को लेकर कोर्ट पहुंचे तो पुलिस की लापरवाही का ये मामला सामने आया।

थाना प्रभारी शिव गोपाल सिंह ने बताया कि गांववालों ने चोरी करते हुए भारत नामक एक व्यक्ति को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने गांव के बृजलाल, रवि और कलवा को नामजद किया। उसके बताए गए नामों के आधार पर तहरीर दी गई। इसमें रवि का भी नाम था। हालांकि बाद में पुलिस ने किरकिरी होने के बाद रवि का नाम मुकदमे से वापिस निकाला।

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