फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   why vajpayee-malviya: katju

वाजपेयी-मालवीय को भारत रत्न पर भड़के काटजू

Thu, 25 Dec 2014 07:31 PM IST
Updated Thu, 25 Dec 2014 07:31 PM IST
विज्ञापन
why vajpayee-malviya: katju

भाजपा के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न दिए जाने के सरकार के निर्णय का बेशक हर तरफ स्वागत हो रहा हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश मार्कंडेय काटजू इससे सहमत नजर नहीं आते।

विज्ञापन


उन्होंने केन्द्र सरकार के इस निर्णय की आलोचना करते हुए सवाल उठाया है कि दोनों लोगों को ही भारत रत्न क्यों? इनके अलावा भी तो देश में अन्य काबिल लोग थे जिन्हें भारत रत्न दिया जा सकता है।
विज्ञापन


वहीं इस बहाने काटजू ने बीएचयू की अवधारणा पर भी सवाल उठा दिया है। अपने ब्लॉग पर उन्होंने लिखा है कि क्या विश्वविद्यालय भी हिंदू या मुस्लिम हो सकते हैं। उनका निशाना बीएचयू और एएमयू पर था। बकौल काटजू विश्वविद्यालय तो विश्वविद्यालय है जो संपूर्ण विश्व के लिए है, किसी धर्म या जाति के लिए नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


काटजू ने खुद अपनी तरफ से ऐसे पांच नाम सुझा दिए हैं जो भारत रत्न के लिए वाजपेयी और मालवीय से ज्यादा योग्य हैं। प्रेस परिषद के पूर्व अध्यक्ष काटजू के अनुसार भारत रत्न देने के लिए सरकारों का अलग-अलग पैमाना है।

जानिए कौन हैं काटजू के पसंदीदा पांच

why vajpayee-malviya: katju

मार्कंडेय काटजू ने अपने ब्लॉग पर उन पांच नामों का जिक्र किया है जिन्हें भारत रत्‍न सम्मान दिया जा सकता था। इनमें सबसे पहला नाम है मशहूर शायर मरहूम मिर्जा गालिब का। काटजू के अनुसार अपनी बेबाक शायरी और साहित्य को अलग मुकाम देने के लिए मिर्जा गालिब को यह पुरस्कार मिलना चाहिए था।

उनकी लिस्ट में दूसरा नाम है द्वितीय विश्‍वयुद्ध में चीनी सैनिकों की तहेदिल से सेवा करने वाले डा. द्वारकानाथ कोटनिस का। जिन्हें चीन के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जा चुका है। आज भी लोग चीन में डा. कोटनिस का नाम बड़े सम्मान से लेते हैं।

उनकी सूची में तीसरा नाम है महान साहित्यकार शरत चन्द्र चटोपाध्याय का। जिन्हें जाति व्यवस्‍था और समाज की कुरीतियों पर अपनी लेखनी के द्वारा कड़ा प्रहार करने के लिए जाना जाता है।

काटजू की चौथी पसंद हैं मशहूर राष्ट्रवादी और महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाले सुब्रमणीय भारती। अपनी लेखनी के जरिए भारती महिला अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। वहीं उनकी अंतिम और पांचवी पसंद हैं मशहूर पत्रकार पी साईंनाथ। द हिंदू अखबार से जुड़े रहे पी साईंनाथ अपनी बेबाक लेखनी के लिए अलग पहचान रखते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed