फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   why tiger and panther found in meerut and moradabad

यूपी के शहरों में क्यों दिख रहे हैं बाघ-तेंदुए?

Thu, 27 Feb 2014 12:42 AM IST
Updated Thu, 27 Feb 2014 12:42 AM IST
विज्ञापन
why tiger and panther found in meerut and moradabad

मेरठ शहर में तेंदुआ गुम हो गया है...मुरादाबाद मंडल में बाघिन ने दस लोगों को मार दिया लेकिन अब तक उसे पकड़ा नहीं जा सका। पीलीभीत में भी कुछ दिनों पहले बाघ आ गया था...लखीमपुर में भी तेंदुआ देखा गया।

विज्ञापन


ये ताजा घटनाएं बयां कर रही हैं कि बाघ-तेंदुए जब तब आबादी की ओर भाग रहे हैं। लेकिन ये बाघ और तेंदुए यूं ही जंगल नहीं छोड़ रहे। दरअसल उनके घर में शोर इतना बढ़ता जा रहा है कि जंगल का राजा घबराहट में है।
विज्ञापन


यही घबराहट उसे जंगलों से बाहर तक ला रही है। यह खुलासा हुआ है दिल्ली स्थित सेंटर फार साइंस एंड एनवायरमेंट के सर्वे में। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में इंसानों की तेजी से बढ़ती आबादी इन जंगली जानवरों के लिए खतरा साबित हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

घबराहट में है जंगल का राजा

why tiger and panther found in meerut and moradabad

सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि प्रतिदिन जंगलों में 1.10 करोड़ लोग लकड़ी काटने या अन्य कार्यों से आ जा रहे हैं। करीब सात करोड़ जानवर चरने के लिए जंगलों में जा रहे हैं।

निगहबानी और पिकनिक के लिए में भी बड़ी संख्या में लोग जंगल की सड़कों पर चहलकदमी कर रहे हैं। जाहिर है कि यह शोर जंगली जानवरों की दिनचर्या पर असर डाल रहा है।

वर्ष 1985 से 1991 तक प्रोजेक्ट टाइगर के डायरेक्टर रहे डा. रामलखन सिंह ने बताया कि दहशत के कारण बाघ आबादी वाले इलाके में भाग रहे हैं।

एक बाघ को चाहिए तीन किलोमीटर का एरिया

why tiger and panther found in meerut and moradabad

एक बाघ को जंगल में कम से कम तीन वर्ग किलोमीटर का एरिया रहने के लिए चाहिए। लेकिन जंगलों पर बढ़ते आबादी के दबाव ने इनका एरिया समेट दिया है। शिकार भी नहीं मिल पाता है।

बाघ के बच्चों की मृत्यु दर तेजी के साथ बढ़ी है। यही कारण है कि वर्ष 2010 में हुए सर्वे में बाघों की संख्या 1706 थी और चार वर्ष बाद हो रही गणना में भी इनकी संख्या केवल 35 ही बढ़ पाई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed