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महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी राजनाथ की चिंता

Wed, 18 Jun 2014 08:36 AM IST
Updated Wed, 18 Jun 2014 08:36 AM IST
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why tension of mr rajnath singh has increased?

महिलाओं की सुरक्षा के लिए आपात स्थिति में मोबाइल पर अलार्म बेल शुरू करने की योजना में हो रही देरी पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने चिंता जताई है।

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राज्यों के मामलों की समीक्षा के लिए गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक में गृह मंत्री ने इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए सभी साझेदारों के साथ मिलकर खुद इसकी समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
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महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखते हुए यूपीए सरकार ने इस साल चार फरवरी को निर्भया कोष योजना को शुरू करने का निर्णय लिया था। इस योजना के तहत मुश्किल में फंसी महिला का फोन कॉल मिलने पर फौरी पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
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मोबाइल का एक बटन देगा सुरक्षा

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महिलाओं की सुरक्षा योजना के तहत मुसीबत में पड़ी महिला अपने मोबाइल के एक बटन को दबाएगी और यह सीधा पुलिस नियंत्रण कक्ष पहुंचेगा। कार्रवाई के लिए घटनास्थल पर पीसीआर वैन भेजी जाएगी। इस योजना को 114 शहरों में लागू किया जाना है।

लेकिन यह अब तक शुरू नहीं हो सकी है। गृह मंत्री ने इसे जल्द से जल्द शुरू करने को कहा है। गृह मंत्री ने केंद्र व राज्यों के संबंधों की समीक्षा बैठक के दौरान मंगलवार को अपराधियों का पता लगाने वाले नेटवर्क, साइबर अपराधों और जेल के आधुनिकीकरण के मामलों का भी जायजा लिया।

अपराधियों को पता लगाने के लिए वेबसाइट

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गृह मंत्री को बताया गया कि अपराध और अपराधियों के नेटवर्क का पता लगाने वाली प्रणाली सीसीटीएनएस योजना अपने अंतिम चरण में है। लेकिन अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गोवा, हरियाणा, लक्षद्वीप, मणिपुर, राजस्थान इसमें काफी पीछे चल रहे हैं।

गृहमंत्री ने कहा कि इस योजना को लागू कराने के लिए जल्द ही संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित राज्यों से बात करेंगे।

गृह मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों से मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाने के लिए सॉफ्टवेयर उद्योग में कार्यरत संगठनों का इस्तेमाल राज्यों में तैनात पुलिस के मार्गदर्शन के लिए किया जाए। 2012 में केवल 3477 साइबर केस ही दर्ज किए जा सके हैं। उन्होंने जेलों की आधुनिकीकरण की योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने को कहा।

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