मोदी ने क्यों छीना गौड़ा से रेल मंत्रालय?

Avanish Pathakअवनीश पाठक Updated Mon, 10 Nov 2014 01:20 PM IST
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why sadananda gowda was shunted out

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कैबिनेट के पहले विस्तार में सदानंद गौड़ा को रेल मंत्रालय से हटा दिया गया। तकरीबन साढ़े पांच महीने पहले उन्हें रेल मंत्रालय की कमान सौंपी गई थी।
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लगभग दो दशक बाद रेल मंत्रालय दक्षिण भारत के कोटे में आया था। गौड़ा कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में काम कर चुके थे, इसलिए उम्मीद थी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'अच्छे दिनों' का सपना रेलवे में भी साकार करेंगे।
रेल बजट में बुलेट ट्रेन की घोषणा छोड़ दी जाए तो बीते साढ़े पांच महीने में शायद ही ऐसी कोई उपलब्धि रही, जिसे गौड़ा पूर्व रेल मंत्री के रूप में याद रखें।
मसलन, गौड़ा के कार्यकाल में ही रेल किरायों में 15 फीसदी से अधिक बढोत्तरी की गई। तत्काल कोटे के टिकटों में प्रिमियम किराये जैसी योजना भी गौड़ा के कार्यकाल में ही लागू हुई ।
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गौड़ा के ढीलेढाले रवैये से नाखुश थे मोदी

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