'रक्षा मंत्री बताएं सरकार ने कितनी घूस ली'
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गोवा के पूर्व लोक निर्माण मंत्री चर्चिल अलेमाओ ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाए कि सत्ताधारी पार्टी ने मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परियोजना के लिए उसी कंपनी को क्यों चुना जिसपर पहले से ही घूस देने के आरोप थे।
उनका यह बयान मनोहर पर्रिकर के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था की एक कंपनी ने गोवा के दो पूर्व मंत्रियों को घूस दी थी। वहीं चर्चिल का कहना है कि अमेरिका मूल की कंपनी लूइस बर्जर ने मोपा परियोजना के लिए 14 करोड़ रुपये अदा किए थे। सरकार को बताना चाहिए कि इस समझौते में उन्हें कितना कमीशन मिला।
जब सरकार को पहले से ही पता था कि लूइस बर्जर ने कई परियोजनाओं को हासिल करने के लिए घूस दी थी तो फिर मोपा परियोजना का ठेका उसी कंपनी को कैसे मिल गया। जाहिर सी बात है कि इसके लिए भी उसने घूस दी होगी। इस परियोजना की भी जांच होनी चाहिए। चर्चिल ने रक्षा मंत्री को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, 'जब माननीय रक्षा मंत्री सब कुछ जानने का दावा करते हैं, तो उन्होंने फिर मोपा परियोजना के लिए उसी कंपनी को क्यों चुना।'
लूइस बर्जर पर लगा था आरोप
गौरतलब है कि हाल ही में मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि कंपनी ने दो पूर्व मंत्रियों को घूस दी थी। अमेरिका की इस कंपनी पर आरोप थे कि उसने परियोजना को हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को घूस दिए। ये परियोजनाएं दो राज्यों गोवा और असम में थे।
अलेमाओ ने कहा कि उनकी अंतरात्मा साफ है और वह किसी भी जांच से घबराने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं, चाहे वह सीबीआई से हो या फिर किसी और एजेंसी से। मैं बीजेपी सरकार को चुनौती देता हूं कि वह मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिद्ध करके दिखाए।'
उन्होंने कहा कि वह कभी भी किसी लूइस बर्जर के अधिकारी से नहीं मिले। सभी ठेके नियमों के मुताबिक ही दिए गए। इस पूरी प्रकिया का संचालन लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों और टेक्निकल अधिकारियों ने मिलकर किया। इसमें मेरा कोई योगदान नहीं था। टेक्निकल विभाग ने नियमों के मुताबिक अपना काम किया जिसके बाद फाइल को मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया।