मौत पर रहस्य! कहां हैं नेताजी से जुड़ी 64 गोपनीय फाइलें?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ने के बावजूद इस मुद्दे पर ममता सरकार की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2000 में मुखर्जी आयोग के समक्ष एक हलफनामे के जरिए इस बात की पुष्टि की थी कि उसके पास ऐसी कम से कम 64 फाइलें हैं।
लेकिन आखिर वे फाइलें हैं कहां। नेताजी के परिजन इस संबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चार पत्र लिख चुके हैं। पहले की वाम मोर्चा सरकार और अब ममता बनर्जी सरकार ने इन फाइलों के रहस्य पर चुप्पी साध रखी है।
राज्य के सरकारी अभिलेखागार के पूर्व निदेशक डॉ. पल्लब चटर्जी कहते हैं कि 25 साल से ज्यादा पुरानी ऐसी फाइलों को संरक्षण के लिए सरकारी अभिलेखागार में भेज दिया जाना चाहिए था।
राज्य सरकार के पास हैं ऐसी कम से कम 64 फाइलें
उनका कहना है कि केंद्र ने इस बारे में प्रक्रिया शुरू की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसका भरोसा दिया है। लेकिन राज्य के गृह मंत्रालय का कहना है कि उक्त फाइलें स्पेशल ब्रांच में भेज दी गई हैं।
चटर्जी का कहना है कि राज्य सरकार चाहे तो इन फाइलों को सार्वजनिक कर सकती है। नेताजी की भतीजी प्रोफेसर चित्रा घोष कहती हैं कि हमने मुख्यमंत्री को चार पत्र लिखे हैं।
उनका जवाब देना तो दूर उन्होंने पावती भी नहीं भेजी। इसी से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इच्छाशक्ति का पता चलता है। जानकारों का कहना है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के अलावा एक और चीज इन फाइलों को सार्वजनिक करने की राह में प्रमुख बाधा है। वह है इन फाइलों की मौजूदा हालत।