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ऐसी योजनाएं बनाते क्यों हो जो लागू न हो सकें: SC

Fri, 30 Jan 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 30 Jan 2015 11:06 PM IST
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Why make such plans may not apply: SC

सर्वोच्च अदालत ने बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना के क्रियान्वयन में देरी पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। नाराजगी जताते हुए अदालत ने सरकार से कहा कि अगर वह किसी योजना को लागू नहीं कर सकती है तो उसे ऐसी योजनाएं बनानी ही नहीं चाहिए।

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जगजीवन राम छात्रावास योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास मुहैया कराया जाना है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने देश के तमाम शिक्षण संस्थानों के छात्रावासों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अधिकतर छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं।
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पीठ ने केंद्र से कहा कि यह योजना आपने बनाई है न कि अदालत ने। योजना के क्रियान्वयन का काम पूरी तरह से सरकार का है। ऐसी योजनाएं क्यों बनाई जाती हैं, जिसका क्रियान्वयन आप नहीं कर सकते। अदालत एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
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याचिका में कहा गया है कि एस/एसटी छात्रों के लिए पर्याप्त संख्या में छात्रावास नहीं हैं। पीठ ने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को सर्वे कर इस योजना के तहत छात्रावासों के निर्माण की स्थिति बताने को कहा है।


इसके लिए शीर्ष अदालत ने चार महीने का वक्त दिया है। साथ ही पीठ ने इस योजना के तहत बन रहे छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

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