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गांधी ने अपने लड़के की शादी का किया था विरोध, पर क्यों?

Sun, 03 May 2015 09:12 AM IST
Updated Sun, 03 May 2015 09:12 AM IST
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why mahatama gandhi opposed harilal's marriage?

महात्मा गांधी ने कस्तूरबा से 13 साल की उम्र में वर्ष 1883 में शादी

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की थी. शायद इसलिए जिंदगी भर महात्मा गांधी बाल विवाह का विरोध करते रहे. आपको बताते चले कि महात्मा गांधी के बड़े लड़के हरीलाल की शादी 18 साल की उम्र में हो गई थी. महात्मा गांधी को लगता था कि 18 साल शादी के लिए बहुत छोटी उम्र है. गौरतलब है हरिलाल हृदय की बीमारी चलते वर्ष 1948 में चल बसे थे.

अहमदाबाद के रहने वाले रिज़वान कादरी हरिलाल की शादी की 109वीं वर्षगांठ पर ऐसे दस्तावेज सामने लाए हैं. 2 मई को हरिलाल की शादी 109वीं वर्षगांठ है.

कादरी ने बताया की महात्मा गांधी के पुत्र हरिलाल की शादी से सम्बंधित एक निमंत्रण पत्र मिला है. इसमें महात्मा गांधी के बड़े भाई लक्ष्मीदास करमचंद गांधी के हस्ताक्षर हैं. हरिलाल का बचपना लक्ष्मीदास करमचंद गांधी के पास ही बीता था. हरिलाल के बचपने के समय महात्मा गांधी साउथ अफ्रीका में थे.

महात्मा गांधी ने कुछ इस तरह से अपनी नाराजगी जताई

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कादरी ने बताया की शादी का यह कार्ड गुजरात स्टेट आर्काइव्ज में रखा हुआ है. इस शादी के कार्ड पारद ठाकोर परिवार को बुलाया गया था.


महात्मा गांधी की मृत्यु के बाद गांधी के कई कार्यों को प्रकाशित किया गया था. एक पत्र में महात्मा गांधी ने कुछ इस तरह से अपनी नाराजगी जताई थी.

पत्र में महात्मा गांधी ने लिखा था कि अच्छा है हरिलाल की शादी हो गई पर और भी अच्छा होता कि उसकी शादी नहीं हुई होती। आज जो भी मैं उसके बारे में सोच रहा हूँ एक पुत्र की तरह सोच रहा हूँ.

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महात्मा गांधी बाल विवाह के खिलाफ

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लक्ष्मीदास इस बात से वाकिफ थे कि महात्मा गांधी बाल विवाह के खिलाफ हैं. हरिलाल की शादी तय करने के बारे में उन्होंने महात्मा गांधी से सलाह मशविरा तक नहीं किया था.

हरिलाल महात्मा गांधी के परिवार के सबसे विवादित सदस्यों में से एक था. जिंदगी भर वो महात्मा गांधी के खिलाफ ही था. महात्मा गांधी ने हरिलाल को विदेश पढ़ने से जाने से रोक दिया था. हरिलाल बैरिस्टर की पढाई करने के लिए इंग्लैंड जाना चाहते थे.

बाद में हरिलाल अपने परिवार से अलग हो गया था. हरिलाल ने बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया था और अपना नाम अब्दुल्ला गांधी रख लिया था.

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