फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   why kejriwal doesn't open mouth about balli singh cheema

AAP उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर चुप क्यों है केजरीवाल?

Sat, 26 Apr 2014 01:12 PM IST
Updated Sat, 26 Apr 2014 01:12 PM IST
विज्ञापन
why kejriwal doesn't open mouth about balli singh cheema

उत्तराखंड में नैनीताल लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार बल्ली सिंह चीमा ने अपनी गिरफ्तारी के बाद ज़मानत पर बाहर आने से इनकार कर दिया है और पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से इस मामले में चुप्पी तोड़ने की मांग की है।

विज्ञापन


राज्य में आम आदमी पार्टी के चुनाव समन्वयक शमशेर सिंह बिष्ट ने इस पूरे वाक़ये के बारे में बीबीसी को बताया, ''ये घटना 19 अप्रैल की है। चीमा अपने साथियों के साथ प्रचार कर रहे थे। रुद्रपुर के पास एक चौराहे पर भाजपा के कुछ लोगों ने लाठियों से उन पर हमला करने की कोशिश की। लोग चले गए और मामला शांत हो गया।''
विज्ञापन


वे बताते हैं, ''20 अप्रैल को पुलिस के एक सर्किल ऑफिसर आते हैं और चीमा की प्रचार गाड़ी को रोककर गाड़ी के काग़ज़ात मांगे। ड्राइवर ने काग़ज़ात दिखाए लेकिन सर्किल ऑफिसर ने उन्हें फेंक दिया और गाड़ी ज़ब्त कर ली।'' उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतोड़ी से बीबीसी ने जब इस बारे में बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया। नैनीताल के ज़िलाधिकारी से भी इस बारे में बात नहीं हो पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

चुप्पी आखिर क्यों

why kejriwal doesn't open mouth about balli singh cheema

बिष्ट बताते हैं कि अगले दिन चीमा ने जब ज़िला निर्वाचन अधिकारी से इसकी शिक़ायत की तो उन्होंने गाड़ी को छोड़ने का आदेश दिया गया, लेकिन आदेश के बावजूद पुलिस ने गाड़ी नहीं छोड़ी जिसके विरोध में चीमा धरने पर बैठ गए और पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया।

बिष्ट का दावा है कि चीमा की गिरफ्तारी असंवैधानिक है, इसलिए उन्होंने अपनी ज़मानत की अर्ज़ी नहीं दी है और वे अब जेल में बंद रहकर ही चुनाव लड़ेंगे।

बिष्ट का कहना है कि इस पूरे मामले से आम आदमी पार्टी के आला नेताओं को अवगत कराया गया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को इस मामले पर बोलना चाहिए, जो इस मामले पर अब तक ख़ामोश हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed