{"_id":"cc07a85a-5f40-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"why-it-took-so-long-for-pm-to-react-asks-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से देने की जरूरत","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से देने की जरूरत
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jan 2013 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बीच भाजपा ने कहा है कि आंख दिखा रहे पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से देने की जरूरत है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने देश का मान गिरा दिया है, यही वजह है कि पिद्दी जैसा देश पाकिस्तान हमें कमजोर मानकर सीमा पर भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या कर रहा है।
विज्ञापन
शहीद हेमराज के सिर के बदले 10 पाकिस्तानियों के सिर लाने की मांग कर चुकी सुषमा ने मंगलवार को भी अपने तीखे तेवर जारी रखे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर तैयार पोर्टल का लोकार्पण करते हुए सुषमा ने कहा कि देश के अंदरूनी हालात ठीक नहीं हैं। माओवादी सुरक्षा बलों की हत्या कर उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं, लेकिन सरकार चुप है।
विज्ञापन
इससे पहले सुषमा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन को इस मसले पर पार्टी के रुख से अवगत करा दिया। मेनन प्रधानमंत्री के निर्देश पर भाजपा नेताओं से मिले और उन्हें इस घटना को लेकर सरकार के पक्ष से अवगत कराया।
विज्ञापन
बाद में सुषमा ने कहा कि विपक्ष के दबाव पर ही सरकार ने सख्त रुख अपनाया। दरअसल, नियंत्रण रेखा की घटना के बाद सुषमा ने मेनन से बात की थी और कहा था कि पाकिस्तान के खिलाफ सरकार जो भी कड़ा रुख अपनाएगी, भाजपा उसका समर्थन करेगी। लेकिन तब से सरकार खासतौर पर प्रधानमंत्री की ओर से विपक्ष के साथ कोई संवाद नहीं किया गया।
इसके बाद भाजपा नेताओं ने शहीद हेमराज के परिजनों से मिलने के लिए मथुरा का रुख किया। वहां जाकर सुषमा ने पाकिस्तानियों के 10 सिर लाने का सख्त बयान दिया। भाजपा का दावा है कि उसके कड़े रुख के छह दिन बाद यूपीए सरकार हरकत में आई व प्रधानमंत्री ने खुद सुषमा से बात करने के साथ ही मेनन को भी भेजा।
बहरहाल, सुषमा ने कहा कि अटल सरकार के दौरान पाकिस्तान पर जो दबाव बनाया गया था, वह यूपीए सरकार की गलत नीतियों के चलते समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पाकिस्तान की हरकतों का कड़ा जवाब नहीं देगी वह ऐसी ही हरकतें करता रहेगा।