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लड़कियों को आकर्षित करते हैं 'स्मार्ट जिहादी'

Wed, 04 Mar 2015 03:48 PM IST
Updated Wed, 04 Mar 2015 03:48 PM IST
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Why ISIS fighters attract beautiful women

एक पूर्व चरमपंथी ने दावा किया है कि 'आकर्षक' जिहादी लड़ाके ब्रितानी मुस्लिम लड़कियों को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं। आयशा (बदला हुआ नाम) ने बीबीसी न्यूज़नाइट को बताया कि उन्हें ब्रिटेन को 'अपना दुश्मन' मानना सिखाया जाता था।

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हालांकि अब वो इस विचारधारा को नहीं मानती हैं, लेकिन कहती हैं कि उनकी पूर्व सहयोगी जिहादी जॉन नाम के चरमपंथी को अपना आदर्श मानती हैं। हाल ही में तीन स्कूली छात्राओं ने सीरिया में चरमपंथियों के साथ शामिल होने के लिए ब्रिटेन छोड़ा था। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि ब्रितानी लड़कियां ऐसा क्यों कर रही हैं।
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मूलत: मिडलैंड की रहने वाली आयशा (बदला हुआ नाम) ने कहा कि जब वो 16 या 17 वर्ष की थीं और पढ़ाई कर रही थीं, तभी एक चरमपंथी ने उनसे संपर्क किया था।

फ़ेसबुक से सम्पर्क

Why ISIS fighters attract beautiful women

आयशा ने बताया कि संपर्क करने वाले व्यक्ति ने एक फ़ेसबुक संदेश में उन्हें 'बेहद आकर्षक' कहा था और ये भी कहा था कि ''अब समय आ गया है कि इस सुंदरता को ढंका जाय क्योंकि आप बहुत बेशक़ीमती हैं।''

आयशा ने कहा कि यह संदेश उत्पीड़न जैसा था लेकिन मुझसे संपर्क करने का सबसे बेहतरीन तरीक़ा था, क्योंकि इसने उनके धार्मिक विश्वासों के तार छेड़े और उस व्यक्ति ने कहा कि यदि वो आदेश नहीं मानेंगी तो जहन्नुम में जाएंगी।

वो बताती हैं कि वहां जितना डर है उतना ही ग्लैमर भी है। उन्होंने बताया, ''किशोरावस्था में होने के नाते मैं एक स्मार्ट व्यक्ति का साथ चाहती थी और सभी यूट्यूब वीडियो में वे (चरमपंथी) बहुत ही आकर्षक लग रहे थे।''

ग्लैमर

Why ISIS fighters attract beautiful women

आयशा कहती हैं, ''इस मायने में यह ग्लैमरस था कि मैं ऐसे व्यक्ति को पा सकती हूं जो मेरे ही धर्म को मानने वाला है और जो ज़रूरी नहीं कि मेरी ही नस्ल का हो, यह बहुत रोमांचक है।'' उन्होंने कहा, ''यह ऐसा है जैसे उसके मरने से पहले उसे हासिल कर लो और जब वो शहीद के रूप में मरता है तो आप उससे जन्नत में मिलोगे।''

इराक़ और सीरिया के बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा करने वाले इस्लामिक स्टेट के चर्चा में आने से पहले ही आयशा चरमपंथ की ओर आकर्षित हुई थीं. उनका शुरुआती रुझान अल-क़ायदा और अल शबाब की ओर था।

वो कहती हैं, ''कुछ धार्मिक उपदेशों में हमें प्रोत्साहित किया जाता था कि हमें ख़ुद को ब्रिटिश नहीं मानना चाहिए।'' आयशा कहती हैं कि उन्हें बताया जाता था कि ब्रिटेन 'काफ़िरों का देश' है जिसने मुसलमानों को मारा है और वो हमारा दुश्मन है। उन्होंने कहा कि दो मुख्य बातों ने उन्हें इस विचारधारा से दूर किया।

इस्लामिक स्टेट

आयशा कहती हैं- पहली वजह ये थी कि इसमें महिलाओं के लिए इंसाफ़ की जगह नहीं थी और दूसरा ये कि वे अपने अनुयायियों से ग़ैर मुस्लिमों को मारने के लिए कहते थे। आयशा कहती हैं कि उनके पुराने साथी जिहादी जॉन के नाम से मशहूर ब्रितानी आईएस चरमपंथी मोहम्मद एमवाज़ी को आदर्श मानती हैं जो कई पश्चिमी बंधकों के सिर कलम करने वाले वीडियो में दिखाई देते हैं।

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