3 करोड़ रुपए सैलरी, पढ़ाने के लिए मिलती है यहां पर
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सोचिए अगर आपको पढ़ाने के 1 लाख, 2 लाख रुपए नहीं बल्कि 3 करोड़ रुपए मिलने लगे तो आप क्या करेंगे? कुछ ऐसा ही हमारे यहां हो रहा है जहां टीचर्स को पढ़ाने के 3 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं।
आईआईटी एंट्रेस की तैयारी करवाने वाले संस्थान अपने यहां शिक्षकों को करोड़ों रुपए के मोटे-मोटे पैकेज दे रहे हैं। राजस्थान के कोटा में एक कोचिंग संस्थान अपने यहां 6 शिक्षकों को करोड़ों रुपए के पैकेज दे रहा है। यह दावा बसंल क्लासेज के मैनेजर मोदाली वैंकेट हरि किशन ने किया है।
हरि किशन के मुताबिक कोई भी फैकल्टी तब तक ही यहां पढ़ाती है, जब तक उसे दूसरा अच्छा ऑफर नहीं मिल जाता। अच्छा ऑफर मिलते ही लोग दूसरी जगह फैकल्टी बन जाते हैं। हरि किशन के मुताबिक दिल्ली और कोटा में कोचिंग हब बनने के बाद यहां पर अच्छे शिक्षकों के बीच में प्रतियोगिता बढ़ गई है।
एलेन कोचिंग की फैकल्टी सोनल राजौरा का कहना है कि दो साल पहले तक कुछ ही शिक्षकों को 1 करोड़ से ज्यादा का पैकेज मिलता था। पर अब सिर्फ कोटा में ही 15-20 लोगों को एक करोड़ रुपए से ज्यादा का पैकेज मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि मुबंई, दिल्ली, कानपुर, पटना में शिक्षकों को इससे ज्यादा पैकेज मिल रहा है।
600 आईआईटी वाले यहां पढ़ा रहे
इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक कुछ शिक्षकों को 2 करोड़ रुपए तो अच्छे अनुभव वाले शिक्षकों को 3 करोड़ रुपए से ज्यादा का पैकेज मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक 2000 शिक्षकों में करीब 600 आईआईटी वाले यहां पढ़ा रहे हैं।
एलेन करियर इंस्टीट्यूट के सलाहकार आशीष अरोड़ा ने बताया कि यहां पर करीब 300-400 शिक्षक 60 लाख रुपए से 1.5 करोड़ रुपए तक की कमाई कर रहे हैं।
कोचिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को मानना है कि 2-5 वर्ष के अनुभव के बीच के बाद ही आसानी से 1 करोड़ रुपए का पैकेज मिलने लगता है। शुरूआत में आईआईटी फैकल्टी को 10-11 लाख रुपए और डीन को 25 लाख रुपए तक का पैकेज मिल जाता है।
मोदाली वेंकेट हरि किशन ने बताया कि 10 वर्ष से ज्यादा के अनुभव वाले लोगों को आसानी से हमारे यहां 1.5 से 2 करोड़ रुपए का पैकेज दिया जा रहा है।
फिटजी कोचिंग के निदेशक आरएल तिरिखा ने बताया कि हम तीन साल में एक बार शिक्षकों की भर्ती करते हैं। शिक्षकों की सैलरी में हर 8-10 महीने में 3-4 बार सैलरी में बढ़ोतरी की जाती है। बहुत अच्छा प्रदर्शन करने पर कंपनी 100 फीसदी तक सैलरी बढ़ा दी जाती है।
एक दशक में सैलरी 5-7 गुना तक बढ़ चुकी
करियर प्वाइंट के संस्थापक निदेशक और सीईओ प्रमोद माहेश्वरी ने बताया कि आईआईटी कोचिंग का 'मक्का' कोटा है। कुछ कोचिंग संस्थान अपने यहां फैकल्टी को 1 करोड़ रुपए का ऑफर दे रहे हैं।
वहीं कुछ कोचिंग संस्थान को स्टॉक मार्केट में भी लिस्टेड हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी फैकल्टी की कमी हमेश बनी रहती है। पिछले एक दशक में सैलरी 5-7 गुना तक बढ़ चुकी है। करियर प्वाइंट कोचिंग को कुल 5.82 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था।
देश भर में करीब 13 लाख छात्र आईआईटी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए बैठे थे। इनमें से करीब 1.3 लाख छात्र ने कोचिंग के जरिए तैयारी की थी। एक छात्र को करीब 1 लाख रुपए तक फीस के देने होते हैं।