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'मोदी जेट खरीद रहे थे, रक्षा मंत्री मछली'

Sat, 11 Apr 2015 09:55 PM IST
Updated Sat, 11 Apr 2015 09:55 PM IST
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why external affairs minister and defence minister were not present during rafale deal

भारत ने शुक्रवार को फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का अहम रक्षा समझौता किया। हालांकि समझौते के वक्त न विदेश मंत्री थीं और न रक्षा मंत्री। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में ही समझौता किया गया।

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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने दोनों मंत्रियों की अनुपस्थिति पर तंज किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'जब प्रधानमंत्री फ्रांस से लड़ाकू विमान खरीद रहे थे, उस समय रक्षा मंत्री गोवा में मछलियां खरीद रह थे। न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन।'
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दिग्विजय ने ट्वीट में मछली पकड़े रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर की तस्वीर भी शेयर की है। तस्वीर में पर्रिकर के साथ गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर भी हैं।
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दिग्गी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर टिप्पणी की कि जब प्रधानमंत्री विदेश में डील साइन कर रहे थे, उस समय विदेश मंत्री विदिश में नरेंद्र मोदी की भविष्य की उपलब्धियों का बखान कर रही थीं।

उल्लेखनीय है कि सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश की विदिशा संसदीय सीट से सांसद हैं। हालांकि इससे पहले भी प्रधानमंत्री अधिकांश विदेशी दौरों विदेश या रक्षामंत्री के बगैर ही गए हैं।

(दिग्विजय सिंह ने मनोहर पर्रिकर की ये तस्वीर अपने ट्विटर एकांउट पर शेयर की है।)

राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता

why external affairs minister and defence minister were not present during rafale deal

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता किया। फ्रांस भारत को तैयार स्थिति में 36 राफेल विमानों की डिलीवरी करेगा।

प्रधानमंत्री ने राफेल खरीदने की घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में की। एलिसी पैलेस में लंबी शिखर वार्ता के बाद राफेल की डिलवरी पर सहमति कायम हुई।

भारत और फ्रांस के बीच 126 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर पिछले तीन साल से बातचीत चल रही थी। 12 अरब डॉलर के इस सौदे पर लागत और दसाल्ट एविएशन की ओर से भारत में विमानों के निर्माण के लिए गारंटी न देने के सवाल पर गतिरोध बना हुआ था। भारत में 108 विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को करना था।

मोदी ने पत्रकारों को बताया कि भारत में लड़ाकू विमानों की परिचालनों की अहम जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ओलांद से तैयार स्थिति में 36 राफेल विमानों की डिलीवरी जल्द से ही जल्द करने का आग्रह किया गया।

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