अमेरिका क्यों है मोदी का मुरीद, पढ़िए पाठकों की राय
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कभी अमेरिका जिन नरेंद्र मोदी को वीजा तक देने के लिए तैयार नहीं था आज वही उनकी तारीफों के पुल बांध रहा है। आखिर अमेरिका मोदी सरकार को अपने साथ लेने के लिए इतना क्यों आतुर है?
इसे लेकर हमने फेसबुक के माध्यम से अपने पाठकों से राय जानी जिसमें करीब डेढ़ हजार लोगों ने भाग लिया और दो सौ से ज्यादा लोगों ने अपनी राय दी। इस बहस में ज्यादातर पाठकों ने अपनी राय में अमेरिका के इस बदले रुख पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
वहीं कुछ लोगों ने अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी का मोदी सरकार पर फिदा होने का कारण मोदी सरकार की मजबूती बताया है। अमेरिका के इस बदले रुख पर क्या है लोगों की राय अगले पेज पर पढ़ें।
अमेरिका के बदले रुख पर लोगों की राय
दधिराज आचार्य और विजय कुमार शाहू ने अमेरिका की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं और इस बदले रुख के पीछे उसके व्यावसायिक हितों को बताया है।
भारत दुनिया में हथियारों का बड़ा खरीदार है और अमेरिका जानता है कि इसके लिए हिंदुस्तान की सरकार से अच्छे रिश्ते बहुत जरूरी हैं।
किसने कहा अमेरिका गिरगिट है?
वहीं राय देने वालों में से कुछ लोगों इसे मोदी की कामयाबी माना है तो कुछ का कहना है कि अमेरिका गिरगिट की तरह रंग बदल रहा है। हमारे पाठक अमित शाक्य का कहना है कि गिरिगिट की तरह रंग बदलता है अमेरिका।
इसके अलावा कई पाठकों को अमेरिका के इस कदम से लग रहा है कि देश अब मजबूती की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका हमारे देश के सामने झुक रहा है। दूसरे पाठक महावीर गुप्ता का कहना है कि अमेरिका अब आया है लाइन पर।
हालांकि जान केरी की भारत यात्रा जिस ग्लोबल ट्रेड डील या ओपेन ट्रेड समझौता में शामिल मुद्दों को लेकर मोदी सरकार से समर्थन जुटाने के लिए आए हैं उन पर पाठकों की ओर से कुछ नहीं कहा गया है।