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साल भर पहले जाकिर हुसैन ट्रस्ट पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

Thu, 11 Oct 2012 08:43 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Thu, 11 Oct 2012 08:43 AM IST
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why did not take action against zakir hussain trust on a year ago

कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से विकलांगों के नाम पर खेल का खुलासा एक साल पहले ही हो गया था लेकिन पिछली बसपा सरकार और मौजूदा सपा सरकार इस पर कार्रवाई को लेकर चुप्पी साधे रही। अब इसका खुलासा होने पर शासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

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ट्रस्ट को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से 17 जिलों में विकलांगों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण देने के लिए धनावंटन किया गया था। केंद्र सरकार को ट्रस्ट की गतिविधियों की कुछ टेस्ट चेक रिपोर्ट भेजी गई थी। यह टेस्ट रिपोर्ट तहसीलदार, सीएमओ, विकलांग कल्याण अधिकारी जैसे अधिकारियों की ओर से करना दिखाया गया था।
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मंत्रालय ने वर्ष 2009-10 में किए गए कार्यों की भेजी टेस्ट चेक रिपोर्ट यह कहते हुए प्रदेश सरकार को भेजी थी कि उस पर किए गए हस्ताक्षरों की पुष्टि करा ली जाए। प्रदेश सरकार ने 17 जिलों के विकलांग कल्याण अधिकारियों को इसके सत्यापन के लिए भेजा। इन जिलों से यह रिपोर्ट अगस्त 2011 से ही शासन को मिलनी शुरू हो गई थी। सितंबर 2011 तक आधे से अधिक जिलों की रिपोर्ट शासन को मिल गई थी। इसमें अधिकतर रिपोर्ट में टेस्ट चेक रिपोर्ट के हस्ताक्षरों को फर्जी करार दिया गया था। मगर अफसर रिपोर्ट दबाए रहे और इस बीच दूसरी किश्त भी ट्रस्ट को मिल गई।
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मुख्यमंत्री को भिजवाई गई फाइल
डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा तहसीलदार, सीएमओ, विकलांग कल्याण अधिकारी जैसे अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाकर करोड़ों रुपये लेने का मामला टेस्ट चेक में उजागर होने के बाद संबंधित मामले में निर्णय लेने के लिए शासन ने फाइल विभागीय मंत्री व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भिजवा दी है। अब विभाग को मुख्यमंत्री के निर्देश का इंतजार है।

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