बेनियाबाग में रैली करने को बेकरार क्यों थी भाजपा?

Avanish Pathakअवनीश पाठक Updated Thu, 08 May 2014 11:23 PM IST
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why did bjp want to do rally in beniabagh varanasi

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मनाहियों को मौकों में तब्दील कर देने के मामले में भाजपा दूसरे राजनीतिक दलों से बाजी मारती दिख रही है।
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वाराणसी में बेनियाबाग में चुनावी जनसभा की इजाजत न मिलने के कारण भाजपा नेता और नरेंद्र मोदी समर्थक लंका स्थित महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए।
गंगा के किनारे पर महज सात से आठ किमी के दायरे मे फैले इस शहर में बेनिया की रैली के बाद सियासत का तापमान कैसा रहता, ये अंदाज अब नहीं लगाया जा सकता। लेकिन भाजपा नेताओं के धरने ने शहर की सियासत को जरूर हंगामाखेज बना दिया।
चिलचिलाती धूप में अरुण जेटली, अनंत कुमार, आमित शाह और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को धरने पर बैठे देख भाजपा के राणनीतिकारों को पूर्वांचल की दरकती जमीन एक बार फिर वापस मिलती लगी। हालांकि, विश्लेषकों के बीच जितनी मुंह, उतनी बातें जैसी स्थिति रही।
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राजनीतिक लाभ के लिए चला धरने का दांव?

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