BJP पर शिवसेना का वार, 'मंत्रियों पर इतने पटाखे कैसे फूटने लगे'
महाराष्ट्र की महिला व बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे पर चिक्की घोटाला और शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े की डिग्री पर लगे आरोपों के बहाने शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है।
पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में शिवसेना ने लिखा है कि जिस तरह से इन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, इससे साबित होता है कि पार्टी के अंदर का ही कोई व्यक्ति इस हरकत में शामिल है। इतनी गुप्त जानकारी साधारण व्यक्ति के पास नहीं हो सकती।
शिवसेना ने सवाल किया है कि एक ही वर्ष में मंत्रियों के खिलाफ इतने पटाखे कैसे फूटने लगे हैं। किसी ने सूचनाएं छिपाई रखीं, तो किसी पर अनियमितताओं का आरोप लग रहा है। आरोप ऐसे लोगों पर लगे हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति में महत्व रखते हैं और भविष्य में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। यदि इस सच को स्वीकारा जाए तो निश्चित ही इन दोनों पर अंकुश लगाने के लिए ही इस तरह की राजनीति हुई है।
भाजपा पर भी तीखा वार
हालांकि संपादकीय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की व्यंगात्मक लहजे में प्रशंसा भी की गई है। ‘सामना’ में लिखा है कि फडणवीस सक्षम व्यक्ति हैं। कोई कितने भी आरोप लगा ले, कितना भी शोर मचा ले लेकिन मुख्यमंत्री बिना डरे और बिना थके हर किसी को बचाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे।
शिवसेना का कहना है कि नैतिकता और साधन शुचिता ही आरएसएस का प्राण है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी सतत नैतिकता, साधन शुचिता और सद्विवेक बुद्धि से स्वच्छ और पारदर्शक कामकाज जैसे शब्दों पर जंग नहीं चढ़ने देती।
भाजपा की मंडली इस शब्द को घिसकर, पोंछकर इसे चमकाते रहने के लिए भले ही भरसक प्रयत्न कर रही हो, लेकिन सच तो यह है कि दिल्ली और महाराष्ट्र में इन शब्दों की खाज-खुजली अब उनके सर्वांगों पर गिर चुकी है।