महिला आयोग के अध्यक्ष की रेस में लेखी, मेहरा और साइना
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष पद की दौड़ में भाजपा की कई दिग्गज महिला नेताओं के नामों पर चर्चा हो रही है। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद मीनाक्षी लेखी का नाम सबसे आगे है।
इसके अलावा दिल्ली की आरती मेहरा और महाराष्ट्र की शाइना एनसी के भी नाम सुर्खियों में हैं। माना जा रहा है कि इनमें से ही किसी को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
हालांकि आयोग को और अधिक शक्ति देने के लिए एनसीडब्ल्यू एक्ट में संशोधन किया गया तो वकालत की डिग्री रखने वाले को ही अध्यक्ष बनाया जाएगा। इस लिहाज से सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाली लेखी की किस्मत खुल सकती है।
वकील होने के नाते मीनाक्षी सबसे आगे
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के नए बदलाव की रूपरेखा को ध्यान में रखते हुए हाल में लेखी से इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूछा गया था।
लेखी के पास एलएलबी की डिग्री है लेकिन अब तक उन्होंने इस पर अपनी सहमति नहीं दी है। कहा जा रहा है कि दिल्ली चुनाव के इंतजार में लेखी इस पद को स्वीकार करने से हिचकिचा रही हैं।
उनके करीबी कहते हैं कि वे महिला आयोग के अध्यक्ष पद की जगह पार्टी के अंदर बड़े ओहदे या फिर दिल्ली में अगर भाजपा की सरकार बनी तो केंद्र में महत्वपूर्ण पद पर रहना ज्यादा पसंद करेंगी। यही वजह है कि उन्होंने इस ऑफर पर चुप्पी साध रखी है।
सरकार जल्द कर सकती है नियुक्ति
लेखी की चुप्पी के चलते आरती मेहरा और शाइना एनसी के नामों पर भी विचार शुरू हो गया है। हालांकि इनमें से किसी के पास कानून की योग्यता नहीं है। इसलिए राजनीतिक गलियारों में ऐसी महिला नेताओं की खोज हो रही है जिनके शैक्षणिक योग्यता में कानूनी शिक्षा शामिल है।
महिला आयोग को ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए कानून में संशोधन का एक मसौदा तैयार किया जा चुका है। इस पर सभी मंत्रालयों की टिप्पणी अपेक्षित है।
मसौदे में आयोग की अध्यक्ष बनने के लिए कानून की डिग्री को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव है। तो दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि आयोग के अध्यक्ष के लिए कानूनी योग्यता अनिवार्य नहीं की जाए क्योंकि पार्टी और सरकार के अंदर का एक बड़ा तबका इसके विरोध में है।
वहीं आयोग की पूर्व अध्यक्ष ममता शर्मा का कार्यकाल खत्म होने के बाद से यह पद खाली है। सरकार जल्द ही इस पद पर नियुक्ति चाहती है।