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हरियाणा: कौन होगा भाजपा का सीएम?

Mon, 13 Oct 2014 02:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 13 Oct 2014 02:32 PM IST
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BJP Chief Minister Candidate for Haryana Assembly Elections 2014

हरियाणा में विधानसभा चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा में भावी मुख्यमंत्री के नाम पर माथापच्ची शुरू हो गई है। हालांकि इस पद के लिए लॉटरी किसके नाम की निकलेगी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पार्टी आलाकमान राज्य में गैर जाट राजनीति करना चाहेगी या जाट केंद्रित राजनीति। वैसे आलाकमान की निगाह कैप्टन अभिमन्यु, मनोहर लाल खट्टर, अनिल विज और रामविलास शर्मा की सीटों पर है।

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इस बीच, आलाकमान ने संकेत दे दिया है कि उसका केंद्र सरकार में शामिल राज्य के किसी सांसद या पुराने दिग्गज को राज्य की सर्वोच्च कुर्सी पर बिठाने का दूर दूर तक इरादा नहीं है। इसके बदले उसकी निगाह नए और ऊर्जावान चेहरों पर टिकी है। पार्टी का आकलन है कि जाट बिरादरी में इनेलो मुखिया ओमप्रकाश चौटाला के प्रति उपजी सहानुभूति के बावजूद मोदी के करिश्मे से उसे सरकार बनाने लायक संख्या हासिल हो जाएगी।
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पार्टी इनेलो से मिल रहे जबर्दस्त चुनौती को भी स्वीकार कर रही है। उधर, इनेलो ने साफ संकेत दिया है कि सरकार बनाने का मौका मिलने पर पार्टी ओमप्रकाश चौटाला के पौत्र और युवा सांसद दुष्यंत चौटाला के नाम पर दांव लगाएगी। दुष्यंत हाल ही में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी के खिलाफ ऊंचानाकला सीट से किस्मत आजमा रहे हैं।

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बंटी हुई है पार्टी नेताओं की राय

BJP Chief Minister Candidate for Haryana Assembly Elections 2014

पार्टी के अतिविशिष्ट सूत्र ने बताया कि आलाकमान को फिलहाल अंतिम रूप से यह तय करना है कि उसे राज्य में जाट केंद्रित राजनीति करनी है या फिर गैर जाट केंद्रित राजनीति। इस बारे में पार्टी नेताओं की राय बंटी हुई है।

एक धड़ा हरियाणा के साथ-साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में जाट बिरादरी के वोटों को ध्यान में रखते हुए बतौर मुख्यमंत्री इसी बिरादरी के नेता को आगे करने के पक्ष में है, जबकि दूसरा धड़ा भजन लाल की तरह राज्य में गैर जाट राजनीति करने का पक्षधर है। जाट को मुख्यमंत्री बनाने वाले धड़े का तर्क है कि हरियाणा में इस बिरादरी का मुख्यमंत्री बनाए बिना पश्चिम उत्तर प्रदेश में चौधरी अजित सिंह और दिल्ली में सज्जन कुमार के प्रभुत्व को लंबे समय तक चुनौती नहीं दी जा सकती।

बहरहाल, इस मुद्दे पर फैसला चुनाव बाद किया जाएगा, मगर आलाकमान का सारा ध्यान राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे कैप्टन अभिमन्यु की नारनौंद, खट्टर की करनाल, विज की अंबाला कैंट और रामविलास शर्मा की महेंद्रगढ़ सीट पर है। इनमें से अभिमन्यु जाट बिरादरी से हैं, जबकि संघ के प्रिय खट्टर और विज पंजाबी हैं। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ब्राह्मण बिरादरी से हैं।

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