आडवाणी से मोदी को मिलने जा रही है एनडीए की कमान?
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केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बन जाने के बाद अब एनडीए के संयोजक और अध्यक्ष को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई हैं।
संसद भवन परिसर में एनडीए के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर मिले कार्यालय से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की नेम प्लेट हटाए जाने के बाद गठबंधन के नए अध्यक्ष को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
संसद के गलियारे में दिनभर चर्चा गरम रही कि प्रधानमंत्री मोदी को ही एनडीए की कमान सौंपी जा सकती है। इधर, राज्यसभा में अरुण जेटली का सदन का नेता बनना लगभग तय है।
एनडीए अध्यक्ष को लेकर भाजपा संसदीय दल की बैठक
भाजपा संसदीय दल की शुक्रवार सुबह हो रही बैठक में एनडीए के नए संयोजक और अध्यक्ष व राज्यसभा में सदन के नेता को लेकर फैसला हो जाने की संभावना है।
माना जा रहा है कि भाजपा के ज्यादातर सांसद अब मोदी को ही एनडीए का अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में हैं। भाजपा संसदीय दल से फैसला हो जाने के बाद इस पर एनडीए की मुहर लगाई जाएगी।
दरअसल, इन अटकलों को इसलिए भी बल मिला क्योंकि बृहस्पतिवार को आडवाणी के कार्यालय के बाहर लगी नेम प्लेट हटा दी गई। 15वीं लोकसभा में यह कार्यालय उन्हें एनडीए के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर मिला था।
आडवाणी के बाद अब मोदी बन सकते हैं अध्यक्ष
नेम प्लट हट जाने के बाद आडवाणी भाजपा संसदीय दल के कार्यालय में बैठे रहे और पत्रकारों से गुफ्तगू करते रहे। जबकि उनके कमरे को लेकर भाजपा व सरकार की ओर से किसी ने भी मुंह नहीं खोला और उनको लेकर संशय बना रहा।
बहरहाल, पिछली लोकसभा तक अटल बिहारी वाजपेयी ही एनडीए संसदीय दल के अध्यक्ष और आडवाणी कार्यकारी अध्यक्ष थे। एनडीए में रहने तक जदयू प्रमुख शरद यादव एनडीए के संयोजक रहे।
अभी तक माना जा रहा था कि आडवाणी ही एनडीए के कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे। लेकिन भाजपा से मिल रहे संकेतों से लग रहा है कि मोदी सत्ता के दो केंद्र नहीं चाहते हैं। इसलिए अब आडवाणी को यह पद मिल पाना आसान नहीं दिख रहा है।