फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   who is the mastermind of saharanpur riot

कौन है सहारनपुर दंगे का मास्टरमाइंड?

Wed, 30 Jul 2014 11:59 AM IST
विवेक कुमार/अमर उजाला, सहारनपुर
विवेक कुमार/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 30 Jul 2014 11:59 AM IST
विज्ञापन
who is the mastermind of saharanpur riot

पुलिस और प्रशासन के पास दंगे की आग में झोंकने वाले का नाम है और उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज है, लेकिन अब तक उसे नहीं पकड़ा गया है। इसके पीछे राजनीतिक दबाव बताया जा रहा है। अब तक पुलिस एक भी हथियार बरामद नहीं कर पाई है। जबकि शनिवार को दंगे में डीएम, एसएसपी और पुलिस के सामने ही दंगाइयों ने गुरुद्वारा रोड, अंबाला रोड पर खुलकर अवैध हथियारों का प्रयोग किया था।

विज्ञापन


यह स्थिति तब है जब यहां सचिव भुवनेश कुमार, एडीजी डीएस चौहान, डीआईजी दीपक रतन समेत 40 से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। आईटीबीपी, एसएसबी, आरएएफ, सीपीएमएफ, पीएसी की 14 कंपनियां और सहारनपुर के अलावा शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ की पुलिस फोर्स है।
विज्ञापन


मंगलवार को कलक्ट्रेट में पत्रकार वार्ता में डीएम संध्या तिवारी और एएसपी राजेश पांडे ने इस बात को माना। उन्होंने कहा कि दंगाइयों के चिन्हीकरण और गिरफ्तारी में तेजी लाई जा रही है। अभी एक भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसके प्रयास किये जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं

who is the mastermind of saharanpur riot

दंगे की आग में झुलसे सहारनपुर में तीन लोगों की जान गई, करोड़ों की संपति जलाकर राख कर दी गई, लेकिन अभी तक भी पुलिस और प्रशासनिक अमला कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं कर पाया है। 22 रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन एक भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

हथियारों की बात अभी छोड़ भी दें तो, आठ लाख की आबादी को दंगे की आग में झोंकने वाला मास्टरमाइंड भी पुलिस पकड़ से दूर है। यह स्थिति तब है जब शहर में 40 से अधिक आईएएस और आईपीएस अफसरों समेत भारी संख्या में अद्धसैनिक बल और पुलिस फोर्स की मौजूदगी है।

पुलिस रिकार्ड में 26 जुलाई को हुए दंगे से लेकर मंगलवार की शाम तक 22 रिपोर्ट दर्ज हैं। 43 की गिरफ्तारी हुई और 33 ऐसे हैं जिनके विरुद्ध धारा-144 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस अभी तक एक भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि कई आरोपियों पर मंडी कोतवाली, देहात कोतवाली, कुतुबशेर, सदर बाजार और सिटी कोतवाली में लूट, आगजनी, दंगा भड़काने जैसे संगीन धाराओं में नामजद रिपोर्ट है।

बारिश में धुल गए दंगे के निशान

who is the mastermind of saharanpur riot

पुलिस-प्रशासन को दंगे के निशान तलाशने में अब कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। क्योंकि मंगलवार को हुई बारिश में काफी सुबूत धुल गए। हालांकि इसे चूक ही कहेंगे कि समय रहते न तो दंगाइयों की टारगेट बनीं दुकानों, बसों, सीसीटीवी कैमरों आदि की फोरेंसिक जांच की गई और न ही  सेंपल लिए गये। ऐसे हालात में अब पुलिस को पीड़ितों द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ सुबूतों का ही सहारा होगा।

शनिवार को हुए दंगे में उपद्रवियों ने 165 दुकानें और ठेलियां, 45 वाहन और एक घर फूंक दिया था। दंगे में करोड़ों के नुकसान का आंकलन लगाया जा रहा है। बावजूद इसके न  कोई फोरेंसिक जांच की और न ही सेंपल लिए गए। कई दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी जला दिए जाने से उनसे भी कोई क्लू नहीं मिल सकता। रही सही कसर मंगलवार दोपहर को हुई बारिश ने पूरी कर दी। एसएसपी राजेश पांडे ने  माना कि दंगे के दौरान शुरूआती जांच नहीं हो सकी, उस समय शांति व्यवस्था कायम कराना ही प्राथमिकता थी। ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे सही नहीं मिले। एक हार्ड डिस्क हाथ लगी है। उससे कुछ सुराग तलाशने की कोशिश जारी है। लोगों ने कुछ सुबूत उपलब्ध कराए हैं। उन्हें लैब भेजा जा रहा है। इनमें अंबाला रोड फायर स्टेशन जलाने में प्रयोग हुआ केमिकल भी शामिल है।
 
तमंचे से मारी गई थी सिपाही को गोली
कुतुबशेर थाने पर देहात कोतवाली के सिपाही संसरपाल मलिक को गोली 315 बोर के तंमचे से मारी गई थी। जांच में इसका खुलासा हुआ है। एसएसपी ने बताया कि सिपाही को गोली मारने वाले की पहचान के प्रयास किये जा रहे हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed