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'आखिर कौन है लोकसभा में नेता विपक्ष'

Sun, 13 Jul 2014 10:34 PM IST
Updated Sun, 13 Jul 2014 10:34 PM IST
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who is leader of opposition in lok sabha?

लोकपाल समेत अहम संवैधानिक पदों पर नियुक्ति को लेकर असमंजस का सामना कर रहे कार्मिक मंत्रालय ने कानून मंत्रालय से पूछा है कि अब वही बताए कि लोकसभा में विपक्ष आखिर किसे माना जाए। सरकार के बाद दूसरी बड़ी पार्टी या चुनाव पूर्व गठबंधन को।

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लोकसभा में नेता विपक्ष के पद की स्थिति साफ नहीं होने से लोकपाल के गठन संबंधी फैसलों में देरी हो रही है। इसके अलावा अगले दो महीनों में रिटायर हो रहे मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) और मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) जैसे संवैधानिक पदों की नियुक्ति प्रक्रिया भी टाली जा रही है।
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लोकसभा सचिवालय की ओर से नेता विपक्ष के बारे में साफ जवाब नहीं मिलने के बाद कार्मिक मंत्रालय (डीओपीटी) ने कानून मंत्रालय से इसके कानूनी पहलुओं पर राय मांगी है।
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नेता विपक्ष की स्थिति जानने के साथ डीओपीटी यह भी जानना चाह रहा है कि क्या बिना नेता विपक्ष के लोकपाल, सीआईसी और सीवीसी की नियुक्ति का फैसला किया जा सकता है।

लोकपाल कानून में संशोधन की तैयारी में डीओपीटी

who is leader of opposition in lok sabha?

गौरतलब है कि कानून के मुताबिक लोकपाल, सीआईसी और सीवीसी के नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले तय पैनल में नेता विपक्ष एक अहम सदस्य है।

डीओपीटी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक लोकपाल और सीवीसी कानून में एक प्रावधान है कि किसी एक सदस्य की अनुपस्थिति के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। लेकिन इस प्रावधान से जुड़े कई बारीक सवाल हैं जिस पर माथापच्ची की जा रही है।

डीओपीटी लोकपाल कानून में एक संशोधन की तैयारी भी कर रहा है जिसके तहत लोकपाल का सर्च पैनल सरकारी सूची के अलावा बाहर से भी उम्मीदवार चुन सकता है।

इसी सर्च पैनल की तैयार सूची में से पीएम और नेता विपक्ष वाला चयन पैनल एक नाम पर अपनी मुहर लगाएगा। मौजूदा सीआईसी राजीव माथुर अगले महीने और सीवीसी प्रदीप कुमार सितंबर में रिटायर हो रहे हैं। इनके चयन में भी प्रधानमंत्री के साथ नेता विपक्ष की अहम भूमिका होती है।

नेता विपक्ष के लिए 10 फीसदी सीटें जरूरी

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चुनाव पूर्व गठबंधन के रूप में यूपीए को 59 सीटें मिली हैं। जबकि सत्ताधारी भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के पास लोकसभा में महज 44 सीटें हैं।

जबकि नेता विपक्ष के लिए लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 545 का कम से कम दस फीसदी यानी 55 सीटें होनी चाहिए। चूंकि कांग्रेस के पास यह आंकड़ा नहीं है इसलिए भाजपा सरकार नेता विपक्ष का पद देने में आनाकानी कर रही है। जबकि कांग्रेस इसके लिए अदालत तक जाने की योजना पर भी विचार कर रही है।

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