बरेली बवाल: दंगे का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पिछले चार महीने से बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में जो हो रहा है उससे साफ है कि कुछ लोगों ने शहर और देहात में कई विफल कोशिशों के बाद अब दिल्ली रोड के इस कस्बे को दंगे के लिए चुना है। इस बार भी पुलिस की फजीहत तो खूब हुई लेकिन कुछ लोगों के एहतियात बरतने ने दो समुदायों को सड़क पर लड़ाने का मंसूबा पूरा नहीं हो पाया। कस्बे में पहले एक धर्मस्थल में कुत्ते के मरे पिल्ले डाले गए फिर थोड़ा और भड़काने के लिए एक मूर्ति तोड़ी गई और अब एक धर्मस्थल के पास मांस डाल दिया। ये मांस किस जानवर का है यह अभी साफ नहीं पर किसी बड़े जानवर का है।
बुधवार को पुलिस ने सबको शांत कर दिया था लेकिन रातोंरात फिर रणनीति बनी और कस्बे के चेयरमैन के पोस्टर फाड़ते हुए नए बवाल की शुरुआत की गई। तोड़फोड़ भी एक वर्ग विशेष के ठेलों पर की गई। जब उधर से लोग आमने-सामने आने को तैयार नहीं दिखे तो पुलिस को दौड़ाया गया। बहाना इतना काफी था कि एक दरोगा ने उस लड़के को झापड़ मार दिया था जो पोस्टर फाड़ कर रहा था।
फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में मिश्रित आबादी है - 45 फीसद मुसलमान और 55 फीसद हिंदू हैं। बवाल का चक्र रचने वालों का एक ही मकसद है कि दोनों समुदायों में लकीर खिंच जाए और आने वाले निकाय चुनाव में किसी एक सियासी झंडे के नीचे लोग एकजुट हो जाएं। मांस यदि किसी दूसरे समुदाय के आदमी ने रखा था तो इसमें चैयरमैन का क्या दोष और अगर पुलिस पर ही गुस्सा था तो फिर पोस्टर फाड़ने की क्या जरूरत पड़ गई। जिस पैमाने पर कस्बे में बवालियों की भीड़ जुटी उससे भी साफ है कि कुछ लोग भीड़ जुटाने का भी काम कर रहे थे। बुधवार को बरेली के नेताओं का आनन-फानन वहां पहुंचना भी इसी बात की तस्दीक करता है। यही नहीं इस बवाल के बीच कई तरह की अफवाहें भी फैलाई गई। एक अफवाह यह भी थी कि बरेली से दिल्ली जा रहे केंद्रीय मंत्री पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया, जबकि हकीकत यह है कि वह यहां थे ही नहीं।
करीब 50 हजार की आबादी वाले फतेहगंज पश्चिमी पंचायत के चुनाव में मतों का ध्रुवीकरण होता रहा है। 18 हजार की मतदाता वाली इस नगर पंचायत में करीब 55 फीसदी हिंदू और 45 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इसका असर सदस्यों के चुनाव में दिखता भी है। चेयरमैन के पद पर हिंदू मतों का बिखराव होता रहा है। वहीं विधानसभा चुनाव में भी सुल्तानबेग यहां से बढ़त बनाए रहते हैं। पंचायत चुनाव इसी वर्ष होने वाले हैं। ऐसे में पूरी कवायद को मतों के ध्रुवीकरण से जोड़ कर देखा जा रहा है।
बवाल की जड़ सद्दाम पकड़ा गया
फतेहगंज पश्चिमी में धर्मस्थल के पास मांस डालकर बवाल कराने के मुख्य आरोपी सद्दाम कुरैशी और उसके तीन अन्य साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को धर्मस्थल के पास सद्दाम कुरैशी ने मांस डाला था। उसके साथ मुस्तकीम, वकील और सादिक भी शामिल थे। पुलिस ने चारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उसका नाम बुधवार को पकड़े गए दोनों लोगों ने बताया था। सद्दाम का कहना है कि उसने मांस बेचने से लिए बछड़ा काटा था। उसे यह अंदाजा नहीं था कि बाग में कोई आ जाएगा। शुक्रवार को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करके उसे जेल भिजवा दिया जाएगा।
बवाल के बाद चूना डलवा दिया
डीएम के आदेश पर चेयरमैन जहीरउद्दीन कुतुब ने स्थानीय निकाय की टीम को भेजकर सड़क पर पड़ी ईंटों को हटवाकर सफाई कराई और चूना डलवाया। सुबह बवाल में ईंटों से पटी सड़क पर दोपहर बाद चूना पड़ा को लोगों को लगने लगा यहां कोई वीआईपी आने वाला है।
पुलिस की चूक भी रही
पुलिस की चूक यह रही कि धर्मस्थल के पास मांस डालने वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। पहले से ही बवाल की तैयारी थी। ईंट पत्थर पहले से लोगों के घरों की छतों पर थे। भीड़ में शामिल लोगों और उनके परिवार के लोगों ने बवाल होने पर छतों से ईंट-पत्थर फेंके तो पुलिस को जान बचानी मुश्किल पड़ गई। खुफिया तंत्र भी इस मामले में पूरी तरह से फेल रहा।
मांस फेंकने की घटना पर बवाल
धर्मस्थल के पास मांस फेंकने की घटना को लेकर बुधवार से ही अशांत फतेहगंज पश्चिमी में गुरुवार को पब्लिक-पुलिस में संघर्ष हो गया। पथराव और फायरिंग कर रही भीड़ ने तीन बार पुलिस को दौड़ाया। चौकी पर पथराव किया। पुलिस की गाड़ियां तोड़ दीं। एसएसपी को पहुंचने के बाद तस्वीर बदली और पुलिस ने भी जवाब में भीड़ पर पत्थर फेंके और हवाई फायरिंग की। दोपहर बाद डीएम और एसएसपी के मौके पर पहुंचने पर तस्वीर तब बदली जब एसएसपी ने भीड़ के बीच खड़े भाजपा नेता अजय जेटली को बीच सड़क पर पीट दिया।
भाजपा नेत्री तेजश्वरी सिंह की एसएसपी से नोकझोंक हुई। फिर तो पुलिस ने जिसे देखा उसी को दौड़ाकर पीट दिया। भाजपा का समझ कर सपा नेता राधा सोमवंशी समेत लोगों के कई घरों में घुसकर मारपीट की। डीएम और एसएसपी की अगुवाई में पुलिस ने महिला-बच्चों की भी पिटाई कर दी। घटना में करीब एक दर्जन लोग चोटिल हुए हैं। कस्बे में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल है और भारी तादाद में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है। मामले में भाजपा नेता समेत 400 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ऐसे बढ़ा बवाल
बुधवार को धर्मस्थल के पास मांस फेंके जाने की घटना के विरोध में गुरुवार को फतेहगंज पश्चिमी के लोधी चौराहे से स्टेशन रोड की ज्यादातर दुकानें बंद थीं। सुबह करीब नौ बजे 10-15 लड़के लोधी चौराहे के पास पहुंचे। वे मांस डालने वालों की गिरफ्तारी न होने पर गुस्से का इजहार करते हुए चेयरमैन जहीरउद्दीन उर्फ कुतुब के फ्लैक्स को फाड़ने लगे। इस दौरान एसओ ने एक लड़के की पिटाई कर दी। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने पथराव और फायरिंग शुरू कर दी।
और एसएसपी धर्मवीर भाजपा नेता को पीटने लगे...
कांठ प्रकरण से भाजपा नेताओं के निशाने पर आए एसएसपी धर्मवीर यादव ने भाजपा नेताओं को ललकार दिया। उन्होंने गुस्से में कैंट विधायक राजेश अग्रवाल के प्रतिनिधि अजय जेटली की गरियाते हुए सड़क पर पिटाई कर दी। यह देख सिपाहियों ने भी जेटली के डंडे मारे। विधायक प्रतिनिधि तेजेश्वरी सिंह ने इसका विरोध किया तो एसएसपी से उनकी नोकझोंक होने लगी।
बच्चों-महिलाओं को भी नहीं बख्शा...
इसके बाद डीएम और एसएसपी की अगुवाई में पुलिस ने कई घरों में घुसकर महिला-बच्चों की पिटाई कर दी। सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव राधा सोमवंशी के घर में घुसकर उनके बेटे हर्षवंश, बेटी दीक्षा, पुत्रवधू श्रेष्ठा के अलावा पत्रकार मुदित प्रताप सिंह, उनके साथी सुनील कुमार समेत की पिटाई कर दी।
एसएसपी धर्मवीर यादव ने कहा कि माहौल बिगाड़ने वाले चिन्हित कर लिए गए हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।