फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   where people is getting wine is cheaper than water?

यहां पानी से भी सस्ती मिलती है वाइन

Sun, 04 Jan 2015 08:02 AM IST
Updated Sun, 04 Jan 2015 08:02 AM IST
विज्ञापन
where people is getting wine is cheaper than water?

वाइन की क़ीमत इस बात निर्भर करती है कि आपको किस ब्रांड की तलाश है। इसी तरह पानी की क़ीमत भी इस बात पर निर्भर करती है कि इसे आप कहां से ख़रीद रहे हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में आजकल कुछ बड़े ख़ुदरा विक्रेताओं के पास पानी से भी सस्ती वाइन तलाशना कोई मुश्किल काम नहीं रहा।

विज्ञापन


पढ़ें पूरी रिपोर्ट

ऑस्ट्रेलिया में कम प्रचलित रेड वाइन की बोतल आपको एक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (क़रीब 51 रुपए) में मिल सकती है। एक मशहूर सफ़ेद वाइन भी यहां 2।9 आस्ट्रेलियाई डॉलर (क़रीब 153 रुपए) में आपको मिल जाएगी।
विज्ञापन


और चार लीटर का बॉक्स 17 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (क़रीब 871 रुपए) से भी कम क़ीमत पर मिल जाएगा। एडिलेड में वाइन इकोनॉमिक्स रिसर्च सेंटर से जुड़े प्रोफ़ेसर किम एंडर्सन कहते हैं, "अगर आप 2।50 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बिकने वाली 350 मिलीलीटर पानी की एक बोतल के दामों की तुलना करें तो निश्चित ही समझ जाएंगे कि पानी के बजाय वाइन ख़रीदना ज़्यादा मुफ़ीद है।"
विज्ञापन
विज्ञापन


वो कहते हैं, "और यह तब कुछ अजीब लगता है, जब थोक और ख़ुदरा टैक्स सर्वोच्च स्तर पर है।" ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब ऑस्ट्रेलिया में वाइन सस्ती होने की ख़बरें सुर्खियों में हैं।

निर्यात में कमी

where people is getting wine is cheaper than water?

हालिया विदेशी विनियम दरों में बदलाव, अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी और घरेलू बाज़ार में ज़्यादा उत्पादन समेत इसके कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण साल 2011 की शुरुआत से लेकर 2013 के शुरू तक अमरीकी डॉलर के मुक़ाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मजबूती का रहना है। वाइनमेकर्स फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख पौल इवान्स का कहना है कि इससे वाइन उद्योग पर दो बड़े प्रभाव पड़े।

उनका कहना कि विदेशों में ऑस्ट्रेलियाई वाइन की मांग में गिरावट आने से इसका रुख़ घरेलू बाज़ार की ओर हो गया। इसके कारण स्थानीय निर्माताओं में प्रतियोगिता बढ़ गई।

कर नीति
उनके मुताबिक़ वाइन के आयात के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मुहैया कराने से भी घरेलू बाज़ार में आयातित वाइन का अनुपात बढ़ा। वाइन की लुढ़कती क़ीमत के पीछे एक और बड़ा कारण ऑस्ट्रेलिया की अल्कोहल पर कर नीति है।

यहां वाइन और सेब से बने अल्कोहल उत्पादों पर अलग-अलग कर लगता है। मेलबर्न में टर्निंग प्वाइंट अल्कोहल एंड ड्रग सेंटर के प्रोफ़ेसर रॉबिन रूम कहते हैं, "यहां उत्पाद में अल्कोहल की मात्रा पर नहीं बल्कि उसकी क़ीमत पर टैक्स लगाया जाता है।"

बाज़ार एकाधिकार

where people is getting wine is cheaper than water?

इसका मतलब यह है कि यदि वाइन बहुत सस्ती बेची जाती है तो इस पर टैक्स भी उतना ही कम देना होता है। ऑस्ट्रेलिया में वाइन के सस्ते होने का एक और बड़ा कारण है कि यहां दो सुपरमार्केट कंपनियों वूलवोर्थ्स और कोल्स का एकाधिकार है।

दोनों मिलकर वाइन की ख़ुदरा बिक्री के 70 प्रतिशत बाज़ार को नियंत्रित करते हैं। वाइनमेकर्स फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि यह स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, इसका असर अंगूर उत्पादकों पर पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed