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जाग रहा है देश, पर कहां सो रहे हैं 'युवराज'?

Mon, 31 Dec 2012 10:59 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 31 Dec 2012 10:59 AM IST
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where is rahul gandhi asked by youth of country

विधानसभा चुनाओं के दौरान मंच से आस्तीनें चढ़ाकर विपक्षी पार्टियों को हराने का दंभ भरने वाले और लंबे-चौड़े भाषण देने वाले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर अक्सर नदारद नजर आते हैं। उनकी पार्टी जहां उन्हें देश में 'युवाओं को आदर्श' साबित करने में जुटी है, वहीं खुद युवराज युवाओं के बीच कभी नजर नहीं आते। पूरे देश को जगाने वाली गैंगरेप की घटना के बाद भी कांग्रेस के 'युवराज' कहां सो रहे हैं, किसी को नहीं पता।

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दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद पूरा देश गुस्से में है। देश के हर हिस्से में गैंगरेप की शिकार लड़की के लिए इंसाफ की मांग हो रही है। विरोध-प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं। ऐसे में राहुल गांधी की मौजूदगी कहीं देखने को नहीं मिली। आंदोलन के दौरान युवाओं में नारे लगाए जा रहे हैं, 'देश का युवा यहां है, राहुल गांधी कहां है।' देश की झकझोरने वाली इस घटना पर कांग्रेस महासचिव की उदासीनता अब सवालों से घिरने लगी है।
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गैंगरेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए पूरे देश ने आवाज उठाई। पुलिस के लाठी-डंडों, पानी की बौछार और आंसू गैस के गोलों के बीच प्रदर्शनकारी इंसाफ मांगते रहे। पीड़ित छात्रा भी जिंदगी और मौत के बीच बड़ी हिम्मत से जंग लड़ती रही, लेकिन राहुल भैया नजर नहीं आए। छात्रा की मौत के बाद जब पूरा देश सदमे में डूब गया तब भी राहुल का कहीं अता-पता नहीं चला, हां, एक 'अनजान सी जगह' से देश के 'भावी नायक!' का लिखित संदेश जरूर आया- 'हमें महिलाओं को सम्मान देना चाहिए। मैं अपनी मां और बहन के साथ पीड़िता के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।'
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अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों से दूरी बनाए रखने वाले राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर पार्टी की तरफ से बयान आते रहते हैं कि वे विदेश में हैं, या जब वक्त आएगा तब राहुल अपनी प्रतिक्रिया देंगे। यहां सवाल यह उठता है कि दरिंदगी की जिस घटना ने पूरे देश को दहला दिया, जिस घटना पर जाति-धर्म से ऊपर उठकर देशवासी एक होकर अपराधियों के लिए कड़ी सजा और महिलाओं के लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, उस समय वह व्यक्ति कहां है जिसके नेतृत्व में देश का सबसे बड़ा चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है। उनके लिए वह कौन-सा शुभ मूहर्त होगा जब वह जनता के बीच जाकर उसका मर्म समझेंगे?

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