इनकी बड़बोली जुबान को भी करेगा कोई सेंसर?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन पहले भाजपा नेत्री साध्वी प्राची के चालीस पिल्ले पैदा करने के बयान ने एक बार फिर बखेड़ा खड़ा कर दिया है। भारतीय राजनीति में नेताओं के विवादित बोल लगातार फिजा में साम्प्रदायिक जहर घोलने का काम करते रहे हैं। बिगड़े बोल बोलने में न सत्तारूढ़ भाजपा के नेता पीछे हैं न विपक्षी दलों के।
आलम ये है कि सभ्य माने जाने वाले नेता भी इसमें पीछे नहीं हैं। आइये निगाह डालते हैं ऐसे ही कुछ बयानों पर जिन्होंने समय-समय पर सुर्खियां तो बटोरी हीं इन पर आरोप प्रत्यारोप भी खूब हुए।
निर्भया कांड के बाद जहां समूचा देश उबल रहा था वहीं इसके आरोपियों को फांसी की सजा देने पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने भी ऐसा बयान दे दिया जिस पर खूब बवाल हुआ। मुरादाबाद में एक सभा के दौरान मुलायम ने कहा कि बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा देना गलत है। लड़कों से गलतियां तो हो जाती हैं, इसके लिए फांसी नहीं दी जानी चाहिए।
सपा मुखिया के इस बयान पर बवाल मच ही रहा था कि उनके समर्थन में सपा नेता अबू आजमी ने भी ऐसा ही बयान दे डाला। आजमी ने रेप के लिए महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। बकौल जो महिलाएं सहमति या बिना सहमति के सेक्स करती हैं उन्हें फांसी पर टांग देना चाहिए।
'रेप रोक नहीं सकते तो इंज्वाय करने में फायदा'
उनकी दलील थी कि इस्लाम में ऐसी महिलाओं के लिए मौत की ही सजा है। ऐसा नहीं है कि सपा नेताओं ने इस तरह के विवादित बयान दिए हों। मध्यप्रदेश भाजपा के बड़े नेता कैलाश विजयवर्गीय ने रेप की घटनाएं रोकने के लिए महिलाओं को ही नसीहत दे डाली। विजयवर्गीय के अनुसार महिलाओं को ऐसे कपड़े पहनने चाहिएं जिससे उनके प्रति श्रद्धा बढ़े न कि उनके छोटे कपड़े जिनसे उत्तेजना पैदा हो।
कांग्रेस सांसद और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने भी महिलाओं के मेकअप और पहनावे को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। महिला प्रदर्शनकारियों का मजाक उड़ाते हुए अभिजीत ने कहा था कि ये महिलाएं अब प्रदर्शन कर रही हैं और रात को मेकअप से पुतकर पब में जाएंगी। हालांकि उनकी इस टिप्पणी पर उनकी बहन शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ही आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्होंने भी माफी मांगी।
सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा की जुबान भी रेप के एक मुद्दे पर फिसल गई थी, बवाल मचा तो उन्होंने माफी मांगने में देर नहीं लगाई। सिन्हा ने कहा था की क्रिकेट में सट्टेबाजी को कानूनी बनाने से कोई नुकसान नहीं होगा क्योकि ऐसा प्रतिबन्ध लगाने से कोई फायदा नहीं जिसे लागू ना किया जा सके। उन्होंने आगे कहा था की “यह कुछ ऐसा ही है जैसे अगर आप रेप रोक नहीं सकते तो उसको एन्जॉय करिए”।
'विधायक बनना था तो बाद में कर लेता रेप'
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री आरआर पाटिल ने तो अजीब ही बयान दे डाला था। कहा, खाडे के समर्थक मेरे पास आए और मुझे उनका समर्थन करने को कहा, मैंने उनसे पूछा उसने ऐसा क्या किया? तो उन्होंने कहा कि वह रेप के आरोप में जेल में बंद है। इस पर मैंने कहा कि यदि वह विधायक बनना चाहता है तो रेप चुनाव के बाद करना चाहिए था।
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा तो इससे भी एक कदम आगे निकल गए कहा, रेप जैसी घटनाएं कोई जानबूझकर नहीं करता बल्कि धोखे से हो जाता है। उनके इस बयान पर उनकी काफी आलोचना हुई थी।
यूपी के पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी की जुबान भी एक बार ऐसे ही फिसल गई। पत्रकारों ने रेप मामले में सवाल पूछा तो बोले रेप तो नॉर्मल रूटीन है। यह तो हर साल होता है, नॉर्मल रूटीन है और लॉ ऐंड ऑर्डर एजंसियां इसी को संभालने के लिए हैं।
'निर्भया रेप छोटी घटना, पड़ा टूरिज्म पर असर'
भाजपा सांसद साक्षी महाराज चार बच्चे पैदा करने की बात कहकर चर्चा में आए तो उनकी ही पार्टी की साध्वी प्राची दो कदम आगे निकलते हुए छह बच्चे पैदा करने की बात कही। बयान पर बवाल मचा तो बजाय इस पर माफी मांगने के उन्होंने चालीस पिल्ले पैदा करने का बयान देकर और आग में घी डालने का काम कर दिया।
विवादित बयान देने में ऐसा नहीं है कि बड़बोले नेता ही आगे रहते हैं, शालीन और सभ्य माने जाने वाले नेता भी ऐसे मामलों में पीछे नहीं हैं। देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तो कुछ दिन पहले निर्भय कांड पर सवाल खड़े कर दिए थे। उन्होंने पर्यटन अधिकारियों को संबोधित करते हुए निर्भया कांड को रेप की छोटी घटना करार दिया।
उन्होंने कहा कि टूरिज्म देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का माध्यम है। दिल्ली रेप की एक छोटी सी घटना का पूरी दुनिया में विज्ञापन किया गया। इस छोटी सी घटना से देश के पर्यटन को करोड़ों का नुकसान हुआ। उनके इस बयान पर महिला संगठनों और महिला आयोग ने भी आपत्ति जताई थी। जिसके बाद जेटली को भी माफी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वहीं हाल ही में हरियाणा में सरकार संभालने वाले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐसे मामलों के लिए युवतियों को ही जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि रेप के लिए लड़कियां खुद जिम्मेदार है। अगर कोई लड़की शालीन दिखने वाले कपड़े पहनती है तो कोई लड़का उसे गलत ढंग से नहीं देखेगा। हालांकि बाद में वो भी अपनी बात से मुकर गए।