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'जब तक लोग न कहें, कश्मीर भारत में नहीं'

Tue, 10 Mar 2015 03:56 PM IST
Updated Tue, 10 Mar 2015 03:56 PM IST
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when people will say than kasmir is part of india

हुर्रियत कांफ्रेस के वरिष्ठ नेता सैयद अली शाह गिलानी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि जम्मू-कश्मीर एक स्वायत्त क्षेत्र है और यह भारत का हिस्सा नहीं जब तक कि यहां के लोग यह फ़ैसला नहीं कर लेते हैं।

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अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित से मुलाकात की है जिसपर एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। पिछले साल इस तरह की ही एक मुलाकात के कारण भारत ने विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद्द कर दी थी।
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नहीं बदलता सिस्टम
सैयद अली शाह गिलानी कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के बारे में लोगों को पता होना चाहिए कि कश्मीर में साढ़े सात -आठ लाख के करीब फ़ौज हैं और एक लाख पुलिसकर्मी हैं और कश्मीर में वास्तव में इन्हीं लोगों का नियंत्रण है।
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सिर्फ चेहरे बदलते हैं, सिस्टम नहीं बदलता

when people will say than kasmir is part of india

उनका मानना है कि फ़ौज की मौजूदगी और उसके वर्चस्व में जो हुकूमत बनती है वो इलाक़े में खास तब्दीली नहीं ला सकती क्योंकि हुकूमत बदलने से सिर्फ चेहरे बदलते हैं,सिस्टम नहीं बदलता।

सैयद अली शाह गिलानी ने बातचीत में ये भी कहा कि कश्मीर में लोग अपने पैदाइशी हक़ के लिए लड़ रहे हैं और वहां कोई चरमपंथी नहीं है। उन्होंने कश्मीर से फ़ौज को हटाकर लोगों को जनमत संग्रह का हक़ दिए जाने की माँग की है।

गिलानी कहते हैं कि 1948 में जब भारत सरकार की ओर से कश्मीर का मसला संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाया गया तो वहां यह पारित हो चुका है कि कश्मीर के लोगों को जनमत संग्रह का हक़ दिया जाना चाहिए ताकि वो अपनी किस्मत का फ़ैसला कर सकें।

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