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जब मोदी ने हर 10 करोड़ लोगों के लिए लिया एक अतिरिक्त मिनट

Sun, 27 Sep 2015 09:33 AM IST
Updated Sun, 27 Sep 2015 09:33 AM IST
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When Modi takes extra minute for 10 crore Indians

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सतत विकास सम्मेलन में भाषण देते समय अपने पूर्व निर्धारित समय से 13 मिनट अतिरिक्त लिया था।

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इस पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय पीएम द्वारा लिए गए हर अतिरिक्त 60 सेकेंड ने 10 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व किया।
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मोदी के भाषण के बाद इस अधिकारी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देता हूं। 1.2 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 13 मिनट अधिक लिया।
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इसका मतलब है कि हर 10 करोड़ लोगों के लिए एक मिनट। उनकी इस बात पर पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों से गूंज उठा।

श्रीलंका के गृह युद्ध मुद्दे पर सहमति बनने के आसार

When Modi takes extra minute for 10 crore Indians

लिट्टे के साथ श्रीलंका का लंबे समय तक चले गृह युद्ध के दौरान हुए अपराधों के मामले को सुलझाने में भारत नई श्रीलंकाई सरकार से सहयोग को लेकर आश्वस्त है। उसने उम्मीद जताई है कि अगले हफ्ते होने वाली संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर आम सहमति से प्रस्ताव पारित कर लिया जाएगा।

शुक्रवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना के बीच बैठक हुई। इस बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने मीडिया को बताया कि मानवाधिकार का मुद्दा इस बैठक में उठाया गया।

दरअसल अधिकार समूहों का आरोप है कि श्रीलंकाई सेना ने लिट्टे के साथ चले गृह युद्ध के आखिरी समय में 40 हजार आम नागरिकों को मौत के घाट उतारा था। गृह युद्ध 2009 में खत्म हुआ था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मानवाधिकार के इस मामले में भारत न्याय चाहता है। इसके साथ ही हम श्रीलंका की संप्रभुता का भी सम्मान करते हैं। स्वरूप ने उम्मीद जताई कि कोई ऐसा रास्ता निकाल लिया जाएगा, जिससे दोनों चीजें साधी जा सकें। विकास स्वरूप ने कहा कि श्रीलंकाई सरकार मानवाधिकार को लेकर बात कर रही है।

इस मामले में नई सरकार की सोच में बहुत बड़ा बदलाव आया है। इन अपराधों के मामले में हाइब्रिड कोर्ट का गठन करने और अंतरराष्ट्रीय जजों को शामिल करने के मामले पर भारत ने उम्मीद जताई कि यह श्रीलंकाई सरकार समेत सबको मान्य होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पहले इसके मसौदे को देखा जाएगा।

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