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हाफिज सईद, दाऊद इब्राहिम पर कब कसेगा शिकंजा?

नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 09 Feb 2013 08:02 PM IST
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पहले मुंबई हमले के दोषी आमिर अजमल कसाब और अब संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाकर भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। इसके बावजूद सवाल उठ रहे हैं कि सरकार पकड़े गए आतंकवादियों को ही फांसी देकर अपने सख्त रवैये का इजहार करेगी या फिर आतंकवाद से निपटने के लिए उसके पास कोई ठोस योजना भी है।
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विपक्ष के साथ ही अब सुरक्षा एजेंसियां भी अंदरखाने यह सवाल उठा रही हैं कि पाकिस्तान की सरपरस्ती में पल रहे हाफिज सईद, मौलाना मसूद अजहर, जकी उर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम जैसे मोस्ट वांटेड आतंकियों को सरकार कैसे दबोचेगी? रक्षा विशेषज्ञ इस मामले में सरकार की ठोस योजना और मजबूत इच्छाशक्ति पर भी प्रश्न चिह्न लगा रहे हैं।


पाकिस्तानी मामलों के विशेषज्ञ मारूफ रजा ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि सरकार के पास अच्छा मौका था कि जेल में बंद कसाब और अफजल के मुंह से ही पूरी दुनिया को पाकिस्तानी करतूतों की कहानी सुनाती लेकिन यह मौका गंवा दिया गया। उन्होंने सरकार की उस नीति पर भी सवाल खड़े किए जिसके तहत पाकिस्तानी न्यायिक आयोग को कसाब और बाकी गवाहों से जिरह (क्रास एक्जामिनेशन) की इजाजत नहीं दी गई थी।

जानकारों ने मुताबिक, इससे आतंकी की जुबानी ही पड़ोसी मुल्क की सच्चाई बाहर आ सकती थी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका होता लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं कर पाकिस्तान को बचने का पूरा मौका दिया।

भारत के पूर्व राजदूत और कूटनीतिज्ञ विशेषज्ञ जी पार्थसारथी ने कहा है कि भारत अक्सर पाकिस्तान को अपनी मनमाफिक बात करने का पूरा मौका दे देता है। पिछले दिनों पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री रहमान मलिक को न्यौता देकर सरकार ने यही गलती दोहराई थी। अब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के भटके हुए युवाओं में अफजल की फांसी को शहादत का दर्जा देकर हिंसा भड़काने की पूरी कोशिश करेगा।

विशेषज्ञों की राय में यह पाकिस्तान और उससे जुड़े आतंक के मामलों में ठोस नीति नहीं होने का नतीजा है। रजा ने कहा कि इससे पहले एनडीए सरकार ने पाकिस्तानी सैनिक शासक परवेज मुशर्रफ को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था जो कारगिल युद्ध का मास्टर माइंड था। इस ढुलमुल नीति के साथ पाकिस्तान में शरण ले रखे भारत के गुनहगारों तक पहुंचना निकट भविष्य में संभव नहीं दिखाता।

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