पूर्व राष्ट्रपति कलाम पर रखा जाएगा व्हीलर द्वीप का नाम
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से करीब 150 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में स्थित ‘व्हीलर द्वीप’ का नाम परमाणु वैज्ञानिक व पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम पर होगा।
देश के सबसे उन्नत मिसाइल परीक्षण गढ़ के रूप में मशहूर इस द्वीप को अब ‘कलाम द्वीप’ के नाम से जाना जाएगा। इस द्वीप से पृथ्वी, अग्नि, आकाश, ब्रह्मोस, प्रहार, शौर्य, निर्भय जैसी विभिन्न प्रकार की 75 मिसाइलों का परीक्षण हो चुका है।
स्वयं मिसाइल मैन कलाम ने भी इस द्वीप से कई मिसाइलों का परीक्षण किया है। इस द्वीप पर सिर्फ जहाज के जरिए ही पहुंचा जा सकता है।
कलाम ने की थी मदद
दो किलोमीटर लंबे और करीब 390 एकड़ क्षेत्र वाले इस द्वीप को मिसाइल मैन
कलाम ने अपना ‘थिएटर ऑफ एक्शन’ कहा था। समुद्र के बीच वनों से घिरा यह
क्षेत्र राष्ट्रपति कलाम की किताब ‘माई जर्नी’ में लिखी गई कई कविताओं के
प्रेरणा का स्रोत भी रहा है।
नीति आयोग के सदस्य और वैज्ञानिक वीके सारस्वत
का कहना है कि इस द्वीप को बहुत समय से कलाम का नाम देने की जरूरत थी
क्योंकि इस द्वीप को वास्तव में कलाम ने चिह्नित किया और उच्च तकनीक युक्त
बनाने में मदद की।
डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक सारस्वत ने 35 सालों तक कलाम
के साथ मिसाइल वैज्ञानिक के रूप में काम किया। जमीन से जमीन पर मार करने
वाली पृथ्वी मिसाइल का सफल परीक्षण के बाद मिसाइल ने 30 नवंबर 1993 को
व्हीलर द्वीप पर ही लैंड किया था।