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ओबामा दौरा: इस वाट्सएप नंबर पर दें खतरे की जानकारी

Fri, 23 Jan 2015 07:18 PM IST
Updated Fri, 23 Jan 2015 07:18 PM IST
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Special Whatsapp number for information regarding any kind of danger during obama visit to India - Obama in India

किसी खतरे की आशंका हो या किसी की गतिविधियां संदिग्ध लगें तो इसकी जानकारी आम जन पुलिस के वाट्सएप नंबर 9454402771 पर दे सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की संभावित ताज दर्शन यात्रा के तहत पुलिस ने लोगों से मदद की अपील की है। लोग फेसबुक पेज और एसएसपी की ई-मेल आईडी पर भी सूचना भेज सकते हैं। जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

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ओबामा दौरे के लिए नियुक्त प्रदेश सरकार के नोडल अधिकारी डीजी (सुरक्षा) गोपाल गुप्ता ने सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर संदिग्धों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए आम लोगों की मदद मांगी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के भ्रमण स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि इस विजिट के दौरान किसी तरह के खतरे की आशंका हो तो पुलिस को बता सकते हैं। फोटोग्राफ्स और दस्तावेज भी भेज सकते हैं।
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यहां दें जानकारी
पुलिस कंट्रोल रूम 100 नंबर, एसएसपी की ई-मेल sspaga-up@nic.in और आगरा पुलिस के फेसबुक पेज agra police पर भी सूचना भेज सकते हैं। एसएसपी कार्यालय से बताया गया है कि इसकी सूचनाएं देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
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ओबामा को दी थी बुद्ध के अस्थि कलश की रेप्लिका

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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 27 जनवरी को ताज के दीदार के लिए आ रहे हैं, लेकिन उन्हें ताज के इतिहास और वास्तु की जानकारी है। पांच साल पहले नवंबर 2010 में हुमायूं का मकबरा देखते समय एएसआई अधिकारी केके मोहम्मद ने उन्हें ताज की वास्तुकला के बारे में बताया था। भेंट स्वरूप ओबामा को भगवान बुद्ध से जुड़े चार नगरों की मिट्टी अस्थि कलश की रेप्लिका में भरकर सौंपी थी। उन्होंने सर्वे भवंतु सुखिन: श्लोक की व्याख्या और शाहजहां के ज्येष्ठ पुत्र दारा शिकोह द्वारा उपनिषद के अनुवाद के बारे में बताया था।

आगरा में अधीक्षण पुरातत्वविद् रहे एएसआई के पूर्व निदेशक केके मोहम्मद ने नवंबर 2010 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्नी मिशेल के साथ हुमायूं के मकबरे का दीदार कराया था। चेन्नई से फोन पर केके मोहम्मद ने बताया कि मुगल इतिहास से शुरूआत कर ओबामा को हुमायूं के मकबरे की वास्तुकला बताई गई। हुमायूं के मकबरे में डबल डोम की तर्ज पर ताजमहल का निर्माण हुआ। मिशेल ओबामा ने दोनों के बीच समानता पर जिज्ञासा प्रकट की थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति को मकबरे में मौजूद दारा शिकोह की कब्र दिखाते समय इतिहास बयां किया गया। मुहम्मद ने कहा कि इंसानियत और दुनिया का भला करने के संदेश सर्वे भवंतु सुखिन: भारत की देन है। उपनिषद का अनुवाद दारा शिकोह ने किया था। भारत दुनिया को हजारों साल से शांति, अहिंसा और भाईचारे का संदेश देता रहा है, यह बताते हुए उन्होंने भगवान बुद्ध से जुड़े नगरों सारनाथ, कुशीनगर, गया और कपिलवस्तु की मिट्टी अस्थि कलश की रेप्लिका में भरकर भेंट की थी।

बच्चों से कहा, तुम भी बन सकते हो ओबामा

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एएसआई के पूर्व निदेशक केके मोहम्मद ने बताया कि मुगलिया इतिहास और वास्तु कला की अमेरिकी राष्ट्रपति को जानकारी है। उन्होंने मजदूरों के बच्चों से मुलाकात कर जिस तरह से उनका मनोबल बढ़ाया, ऐसा अनुभव किसी राष्ट्राध्यक्ष के साथ नहीं हुआ।

केके मुहम्मद ने ओबामा को संरक्षण में लगे गरीब मजदूरों के 12 बच्चों से भी मिलवाया था। उन्हें स्मारक परिसर के पास टेंट लगाकर पढ़ाने की पहल की गई थी। लंबे ओबामा ने छोटे बच्चों के सामने घुटनों के बल बैठकर उनके नाम पूछे थे। बच्चों से कहा था कि वह भी मेहनत से पढ़ाई करने पर ओबामा की तरह बन सकते हैं।

परवेज मुशर्रफ को भी दिखाया था ताज
केके मुहम्मद ने ही तत्कालीन पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को ताजमहल दिखाया था। उन्होंने ताज के इतिहास में लाहौर से जुड़े तथ्यों पर ज्यादा जोर दिया था। शाहजहां मुमताज का लाहौर फोर्ट में निकाह और ताज के मुख्य वास्तुकार अब्दुल हमीद लाहौरी का जिक्र उन्होंने कई बार किया था। लाहौर से ताज का कनेक्शन जानकर मुशर्रफ 40 मिनट की जगह एक घंटे तक ताज में मौजूद रहे और मुगलिया इतिहास के बारे में पूछते रहे थे।

'पीएम से बात करवाएं तो बोलें...'

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आगरा में 27 को ताजमहल के घेराव की घोषणा प्रशासन के लिए समस्या बन रहा है। गुरुवार को एसपी सिटी और एडीएम सिटी ने खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के साथ अन्य बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों संग वार्ता कर कार्यक्रम टलवाने की कोशिश की। अधिकारियों ने कहा कि ओबामा राष्ट्रीय अतिथि हैं। उनके विरोध से देश की छवि खराब होगी। इस पर वकीलों ने साफ कहा कि पीएम के बात किए बिना कार्यक्रम में बदलाव संभव नहीं है।

खंडपीठ आंदोलन संघर्ष समिति के अध्यक्ष केडी शर्मा ने कहा कि 25 जनवरी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुलाकात कर आश्वस्त कर दें कि बजट सत्र के दौरान खंडपीठ स्थापना की मांग का निस्तारण कर देंगे। तभी आगे सोचा जाएगा। उन्होंने कहा कि ओबामा के ताज दर्शन के विरोध का फैसला सोच समझ कर लिया गया है। अधिवक्ता बिजेंद्र रावत ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है, इस पर सर्व सम्मति से ही कोई फैसला होगा। बैठक में विजय शर्मा, लोकेंद्र शर्मा, सुरेंद्र लाखन, अशोक चौबे, जगत सिंह फौजदार, टीपी सिंह, लाल बहादुर राजपूत, वेद प्रकाश, संजय वर्मा, राजीव उपाध्याय आदि मौजूद थे।

अब 24 को जाम, आज अनशन
दीवानी में संघर्ष समिति की बैठक में फैसला किया गया कि मौसम खराब होने के चलते 22 को हाईवे जाम का कार्यक्रम अब 24 जनवरी को होगा। 23 जनवरी को अधिवक्ता दीवानी बार में अनशन पर बैठेंगे।

सांसद अपना धर्म निभाएं
संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी मनीष सिंह के अनुसार गुरुवार को दीवानी में हुई बैठक में यह कहा गया कि मंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया आगरा के सांसद होने का धर्म निभाएं। उनके प्रतिनिधि पंचायत में आकर विरोध प्रदर्शन में सांसद के शामिल होने का वादा भी कर गए हैं।

ओबामा का स्वागत : कठेरिया
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया ने शहर जनता और अधिवक्ताओं से अपील की है कि ‘अतिथि देवो भव:’ का संदेश देते हुए वह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का स्वागत करें। उन्होंने कहा है कि जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना के लिए हम पूरी तरह से प्रयासरत हैं।

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