फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   whats the truth behind sonia gandhi US tours?

क्या है सोनिया गांधी के अमेरिकी दौरों की सच्चाई?

Wed, 09 Apr 2014 04:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 09 Apr 2014 04:07 PM IST
विज्ञापन
whats the truth behind sonia gandhi US tours?

पिछले साल सितंबर में अमेरिका की एक अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगों के संबंध में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर समन जारी किया था।

विज्ञापन


सिख फॉर जस्टिस नामक एक समूह ने ब्रूकलीन फेडरल कोर्ट में मामला दायर कर आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी कांग्रेस के कुछ ऐसे नेताओं को बचाने की गुनहगार हैं, जिन्होंने इन दंगों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन


फर्स्टपोस्ट के मुताबिक अदालत ने ऐसे वक्त सोनिया गांधी को समन भेजा, जब वो नियमित मेडिकल जांच के लिए अमेरिका गई थीं। अमेरिका जाने से पहले वो कुछ दिन के लिए दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती रही थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक विदेशी दौरे की दी गई जानकारी

whats the truth behind sonia gandhi US tours?

खाद्य सुरक्षा बिल पर लोकसभा में बहस के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें बीच में ही रवाना होना पड़ा। राहुल गांधी ने अपनी चुनावी रैलियों में इस बात का जिक्र कई बार किया।

उनके कई विदेशी दौरों से उलट यह दौरा कोई सीक्रेट नहीं था। मीडिया में ऐसी खबरें आईं, जिनमें आम जनता को बताया गया कि वो मेडिकल कारणों से बाहर जा रही हैं।

पीटीआई ने खबर दी, जिसमें कांग्रेस महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने सोनिया के छह से आठ दिनों के अमेरिकी दौरे की पुष्टि की। कांग्रेस ने मीडिया से आग्रह किया कि सोनिया की निजता का ख्याल रखा जाए। कुछ हद तक यह बात मानी भी गई।

समन के वक्‍त थीं अमेरिका में मौजूद

whats the truth behind sonia gandhi US tours?

उस वक्‍त सोनिया गांधी से जुड़ी बड़ी खबर अमेरिका से आई, जब वहां की अदालत ने उन्हें अचानक एक समन भेज दिया। वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार में छपी खबर में यह जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि जब अदालत ने समन जारी किया, तो सोनिया मेडिकल जांच के लिए वहीं थीं।

अखबार में छपी खबर के मुताबिक सिख फॉर ‌जस्टिस ने अस्पताल में समन की प्रति छोड़ी थी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने समन को आगे डिलीवर नहीं किया। इसका मतलब यह हुआ कि सोनिया गांधी अमेरिका में थीं, लेकिन उन्हें समन नहीं मिला।

लेकिन चौंकाने वाली बात बाकी है। सोनिया गांधी ने अदालत के सामने दावा किया कि उन्हें इसलिए समन नहीं मिला, क्योंकि वो 2 से 9 सितंबर, 2013 के बीच अमेरिका में नहीं थीं।

सोनिया गांधी ने क्यों झूठ बोला?

whats the truth behind sonia gandhi US tours?

अब सवाल यह खड़ा होता है कि सोनिया गांधी ने द्विवेदी के जरिए मीडिया तक पहुंची जानकारी के उलट बात क्यों कही? मीडिया की खबरों से साफ पता चलता है कि सोनिया अमेरिका में थीं, भले उन्हें समन न मिला हो।

इस दावे के बाद अमेरिकी अदालत ने सोनिया गांधी से कथित तौर पर अपना पासपोर्ट जमा कराने को कहा, ताकि ट्रैवल करने को लेकर किए गए दावों की जांच-पड़ताल की जा सके। हालांकि, ताजा खबरों के मुताबिक उन्होंने पासपोर्ट देने से इनकार कर दिया है।

प्रथम दृष्टया अमेरिका अदालत के पास यह अधिकार नहीं कि वो सोनिया गांधी को किसी ऐसे मामले में मानवाधिकार उल्लंघन के लिए समन जारी करे, जो भारत में हुआ।

कांग्रेस ने कुछ और क्यों कहा?

whats the truth behind sonia gandhi US tours?

ऐसे किसी भी मामले में देश की अदालतों को फैसला करना है। लेकिन यहां मुद्दा यह है कि सोनिया गांधी ने यह दावा क्यों किया कि वो समन के दौरान अमेरिका में नहीं थीं, जबकि उनकी अपनी पार्टी इससे उलट बयान दे चुकी है।

अदालत में जो बयान दिया गया, उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। करीब तीन साल पहले एक समाचार समूह ने आरटीआई के जरिए सोनिया गांधी के विदेशी दौरों का ब्योरा मांगा था, लेकिन कोई भी जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराई गई।

पिछले साल सितंबर में विदेशी टूर को लेकर उनकी तरफ से किए गए दावों ने एक बार फिर उनके दौरों को रहस्यमयी बना दिया है। उनके अमेरिका के ज‌ाने के पीछे आखिर सच्चाई क्या है?

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed