क्या होगा भाजपा-शिवसेना के गठबंधन का भविष्य?
महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की 27 साल पुरानी दोस्ती को बचाने के लिए प्रयास जारी हैं।
इसी प्रक्रिया के तहत में शुक्रवार को सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की ओर से उनके बेटे आदित्य ठाकरे और पार्टी नेता सुभाष देसाई ने महाराष्ट्र में भाजपा के चुनाव प्रभारी ओपी माथुर के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि माथुर जल्द ही उद्धव से भी सीटों के बंटवारे पर चर्चा कर सकते हैं।
बैठक के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा, "किसी भी गठबंधन में मतभेद हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि दोनों ही तरफ से किसी प्रकार का अभिमान नहीं दिखाया जा रहा है। हम गठबंधन को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसी पर चर्चा जारी है। सेना का मुख्य लक्ष्य महाराष्ट्र के भविष्य का बचाव करना है।"
गठबंधन बचाने के लिए कवायद तेज
दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि उनकी पार्टी ने सीटों के बंटवारे पर प्रस्ताव सेना को दे दिया है और उम्मीद है कि उनका रुख सकारात्मक रहेगा। उन्होंने कहा, "कोई भी नहीं चाहता कि गठबंधन टूटे। हमने एक प्रस्ताव दिया है और उम्मीद है कि इस पर सकारात्मक जवाब मिलेगा।"
इससे पहले प्रस्ताव के संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुधीर मुनगंटीवार ने बताया, "ऐसी 59 सीटें हैं, जिन पर शिवसेना के उम्मीदवार पिछले 25 साल से नहीं जीत पाए हैं। जबकि भाजपा भी ऐसी 19 सीटों पर लंबे से जीत दर्ज नहीं कर पाई है। हम चाहते हैं कि शिवसेना इस तथ्य पर विचार करे। हम एक-एक सीट पर चर्चा करना चाहते हैं।" राज्य में भाजपा के चुनाव प्रभारी माथुर ने कहा कि अब गेंद सेना के पाले में है।