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भारत रत्न पर मिल्खा सिंह ने क्या कहा?
Updated Fri, 06 Dec 2013 01:05 AM IST
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भारत रत्न का पहला हकदार सचिन तेंदुलकर को होना चाहिए या फिर मेजर ध्यानचंद है। इस पर फ्लाइंग सिक्ख मिल्खा सिंह ने क्या बोला, जानिए।
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फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह बेबाक बोले कि सचिन से पहले भारत रत्न के सच्चे हकदार मेजर ध्यानचंद थे। जिन हालातों में ध्यानचंद ने देश को हॉकी में सिरमौर बनाया वह काबिले तारीफ है। सचिन को सर्वोच्च सम्मान पर संतोष जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि चलो खिलाड़ियों के लिए दरबार तो खुले।
होटल जेपी पैलेस में इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए पद्मश्री मिल्खा ने पत्रकारों से कहा कि विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं को देश में गंभीरता से नहीं लिया जाता।
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एक ओर 2016 के ओलंपिक के लिए चीन अभी से तैयारियों में जुटा है, जबकि यहां रूपरेखा तक तैयार नहीं है। खेल प्रोत्साहन के लिए मिल्खा ने खिलाड़ियों को राज्य सभा सांसद सहित ब्रांड एंबेसडर बनाने की बात कही।
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क्रिकेट को छोड़ अन्य खेलों में भारत के प्रतिनिधित्व पर मिल्खा ने स्पोर्ट में राजनीतिक दखलअंदाजी को कटघरे में खड़ा किया। बोले, खेल पारखी के हाथों में ही खेल संगठनों की कमान होनी चाहिए।
बढ़ते डोपिंग के मामलों को मिल्खा ने जल्दी शोहरत कमाने की होड़ को वजह बताया। एथलीट में एक और ‘मिल्खा’ के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्टेमिना, अनुशासन, हार्ड वर्क, लगन जैसे तप की जरूरत है।
चोट के बाद वापसी पर उन्होंने कहा कि उपचार के साथ खिलाड़ी में मजबूत इच्छाशक्ति भी अहम है। देश के लिए किसी एथलीट को गोल्ड लाता देखने की इच्छा रखने वाले मिल्खा ने खिलाड़ियों को नियमित व्यायाम और डायटिंग पर विशेष ध्यान देने की नसीहत दी।