पीएम मोदी का नास्ता: चूड़ा मटर, नारियल चटनी और चाय
डीरेका के आफिसर्स गेस्ट हाउस में रात गुजारने के बाद सोमवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाश्ते में बनारस मेन्यू को पसंद किया। पीएम को सुबह नाश्ते में चूड़ा मटर के साथ ही इडली और सांबर बड़ा परोसा गया। इसके साथ नारियल चटनी भी दी गई थी।
पीएम ने सारे व्यंजनों का स्वाद चखा और अदरक की चाय की फरमाइश की। पीएम रविवार रात 11.45 बजे डीरेका गेस्ट हाउस पहुंचे थे। रात का खाना उन्होंने कोलकाता से वाराणसी के हवाई सफर के दौरान विमान में ही कर लिया था। यहां आने पर उन्होंने गुनगुना पानी मांगा। पानी पीने के बाद वह सोने चले गए।
डीरेका गेस्ट हाउस के अतिविशिष्ट कक्ष में ठहरे पीएम ने सुबह छह बजे अदरक वाली चाय की मांग की। गेस्ट हाउस के संचालक प्रदीप कुमार मल्होत्रा ने बताया कि चाय लेकर जब मैं मोदी जी के पास पहुंचा तो उन्होंने मुझे पहचान लिया और मेरा और मेरे परिवार का हालचाल पूछा। फिर अदरक वाली चाय मांगी।
उन्हें सुबह 8.15 बजे नाश्ता परोसा गया। नाश्ते में चूड़ा मटर, इडली, सांबर बड़ा, उपमा, सैंडविच और नारियल की चटनी परोसा गया। चटनी उन्हें खूब पसंद आई। पीएम ने गेस्ट हाउस के कर्मचारियों अभिषेक, राजीव बटवाल, राजीव रंजन यादव, मुदित मेहरोत्रा, अरुण कुमार, पंकज, सदानंद, राकेश, अमरजीत, शशि और अश्विनी को बुलाकर हाल चाल पूछा।
सबकी शैक्षिक योग्यता के बारे में भी जानकारी ली। जाते वक्त कहा कि खूब पढ़ो और खुद को काबिल बनाओ। मोदी ने गेस्ट हाउस के कर्मचारियों के साथ फोटो भी खिंचवाए। सीर गोवर्धन रवाना होने से पहले दोबारा अदरक वाली चाय पी।
मंदिर में लंगर छका और भजन सुने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार की सुबह सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर में मत्था टेकने के बाद लंगर छककर दुनिया भर से जयंती समारोह में लाखों की तादाद में पहुंचे अनुयायियों का दिल जीता।
उन्होंने मंदिर में निशानी के तौर पर सहेज कर रखी गई गुरु रविदास की छह सौ साल पुरानी कठौती का दर्शन किया। कम समय के बावजूद प्रधानमंत्री ने गुरु के भजन सुने और देश-दुनिया के कुछ अनुयायियों से मिलकर सामाजिक समरसता, प्रेम का संदेश भी दिया। पीएम संत रविदास की 639वीं जयंती पर सीरगोवर्धन में संत रविदास की जन्मस्थली पहुंचे थे।
निर्धारित समय से 45 मिनट पहले 10:05 बजे ही प्रधानमंत्री मोदी रविदास मंदिर पहुंच गए। रविदासिया धर्म के हरि निशान वाली पीली रुमाल सिर पर रखे हुए मोदी ने मंदिर में प्रवेश करते ही गुरु रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इसके बाद वह सीधे लंगर कक्ष में गए। वहां गुरु के प्रसाद के रूप में उन्होंने लंगर छका।
इसके बाद उन्होंने गुरु रविदास की कठौती के दर्शन की इच्छा जताई। पुजारी मंदीप दास, संत रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य निरंजन दास चीमा और केएल सरोवा प्रधानमंत्री को भूतल के विशेष कक्ष में ले गए, जहां शीशे के केबिन में रखी कठौती का उन्होंने दर्शन किया।
इसके बाद वह अतिथि कक्ष में आए। वहां पहले से मौजूद 13 आप्रवासी श्रद्धालुओं से उन्होंने मुलाकात की। इसके अलावा ट्रस्ट बोर्ड के सदस्यों और सेवादारों को मिलाकर 15 अन्य लोगों से भी प्रधानमंत्री ने हालचाल पूछा। प्रधानमंत्री करीब 15 मिनट तक रविदास मंदिर में रहे।