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कांग्रेसियों पर हमला राजनीतिक साजिश तो नहीं?

Wed, 29 May 2013 09:36 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 29 May 2013 09:36 AM IST
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what naxal attack in chhattisgarh is political conspiracy

छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं पर नक्सली हमले के पीछे राजनीतिक साजिश की गुपचुप चर्चाओं की बात अब खुलकर सामने आ गई है। एक ओर कांग्रेस हाईकमान को साजिश की संभावना से इनकार नहीं कर रही है वहीं भाजपा ने इसका विरोध किया है।

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केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री चरण दास महंत ने भाजपा की रमन सिंह सरकार पर हमला बोलते हुए इस पूरे हमले में साजिश का आरोप लगाया है।

सच का पता लगाएगी एनआईए
वहीं कांग्रेस हाईकमान भी राजनीतिक साजिश की बात कहकर भाजपा की ओर संकेत कर रहा है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भरोसा है कि एनआईए सच का पता लगाएगी। हालांकि कांग्रेस के अंदर से ही साजिश रचने की बात को हाईकमान सिरे से नकार रहा है।
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छत्तीसगढ़ के नक्सली हमले को लेकर सियासी वार प्रहार शुरू हो गए हैं। मंगलवार को केंद्रीय राज्यमंत्री चरणदास महंत ने कहा कि रमन सरकार को बाकायदा पार्टी की परिवर्तन यात्रा के बारे में सूचना दे दी गई थी।
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सरकार को पता था कि वहां कितने लोग एकत्र होंगे? फिर सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? सरकार ने लापरवाही जानबूझकर की या फिर अनजाने में? कुछ तो बात रमन सरकार की ओर से स्वीकार की जानी चाहिए।

कांग्रेस हाईकमान भी सहमत

महंत ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर चूक हुई है, यह सीधे साजिश नजर आती है। महंत छत्तीसगढ़ से एकमात्र कांग्रेस सांसद हैं। खास बात यह है कि महंत की बात से कुछ हद तक कांग्रेस हाईकमान भी सहमत है।

पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हालांकि खुलकर बोलने से परहेज कर रहा है। मगर ऑफ द रिकॉर्ड राजनीतिक साजिश की संभावना को सिरे से नकारा नहीं जा रहा है। शक की सुई भाजपा की ओर घूम रही है।

पार्टी का तर्क है कि जिस तरह कांग्रेस वहां फिर से उभर रही थी और पार्टी का जनाधार जमीन पर दिख रहा था, उससे रमन सरकार सकते में थी। इसलिए इस नरसंहार का सीधा फायदा भाजपा को जाता है।

पार्टी के शीर्ष नेता इस बात को खुलकर बोलने से इंकार कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस के अंदर ही इस हमले की साजिश रचने की बात को पार्टी का शीर्ष नेतृत्व खारिज कर रहा है।

पार्टी के एक महासचिव ने कहा कि कांग्रेस में कोई भी इस हद तक नहीं जा सकता। न उनके वश की बात है। महासचिव ने कहा कि एनआईए की जांच से सच सामने आएगा। चूक कहां हुई थी और किसने की थी। यह बात लोगों को पता लगेगी।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान नक्सली हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल समेत 24 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता विद्या चरण शुक्ल भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

अनर्गल बयानबाजी न करे कांग्रेस
भाजपा ने छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को लेकर लगातार बयानबाजी कर रही कांग्रेस को आगाह किया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि कांग्रेस नेताओं ने अनर्गल बयानबाजी बंद नहीं की तो नक्सलवाद को लेकर उसका कच्चा चिट्ठा खोल दिया जाएगा।

भाजपा ने कहा कि यदि उसने मुंह खोला तो बात दूर तलक तक जाएगी और यह बात सामने आ जाएगी कि नक्सलियों के छुपे समर्थक कहां रहते हैं।

पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस घटना की गंभीरता को समझकर नक्सलियों की चुनौतियों को देखना चाहिए। यह घटना देश की संप्रभुता पर हमला है।


उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार संयम बरत रही है, क्योंकि यह समय आरोप-प्रत्यारोपों का नहीं है। पार्टी के संयम को कांग्रेस कमजोरी समझने की भूल न करे।

जावडेकर ने कहा कि यदि भाजपा ने बोलना शुरू कर दिया तो वह कांग्रेस का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल कर जनता के सामने रख देगी।

कांग्रेस को समझना चाहिए कि नक्सली आंदोलन कोई विकास का आंदोलन नहीं है। यह आदिवासियों के कल्याण का आंदोलन भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि नक्सली संगठन हिंसा के दम पर पूरी व्यवस्था खत्म करना चाहते हैं। ऐसे में कांग्रेस के नेता जो अनर्गल बयान दे रहे हैं, भाजपा उसकी निंदा करती है।

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