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'नवाज शरीफ से किसी करिश्मे की उम्मीद नहीं'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 13 May 2013 12:21 AM IST
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पाकिस्तानी हुकूमत की बागडोर नवाज शरीफ के हाथ में होना भारत के लिए बेहतर है लेकिन कुर्सी संभालते ही उनसे किसी करिश्मे की उम्मीद फिलहाल नहीं की जा सकती।
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प्राथमिकता की बात करें तो फिलहाल भारत से ज्यादा अफगानिस्तान पाकिस्तान के लिए जरूरी है। हालांकि नवाज का सत्ता में होना इमरान खान से ज्यादा बेहतर है। यह मानना है पूर्व राजनयिक और पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त रह चुके जी. पार्थसारथी का।
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पाकिस्तान को काफी करीब से जानने वाले पार्थसारथी के मुताबिक फिलहाल शरीफ की प्राथमिकता में मुल्क के अंदरूनी हालात, अफगानिस्तान और फौज से जुड़े मुद्दों को सुलझाना होगा। फौज से उन्हें चुनौती मिल सकती है। सेना के साथ पहले भी उनकी अनबन रही है।
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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच खुली सीमाओं के कारण तालिबान का प्रभाव बढ़ा है। भारत के साथ नवाज शरीफ ने संबंध बेहतर बनाने की कोशिशें की हैं लेकिन मौजूदा हालात पहले के मुकाबले अलग हैं। पाकिस्तान की प्राथमिकताओं में भारत थोड़ा दूर नजर आता है।
भारत के परिप्रेक्ष्य में शरीफ क्या नीति अपनाएंगे, यह उन्होंने साफ नहीं किया है, अच्छे संबंधों की बात जरूर की है। भारत को लेकर कुछ नीतिगत बदलाव आने वाले समय में हो सकते हैं।
पाकिस्तान की तरफ से भारत के पक्ष में किसी फैसले की तुरंत उम्मीद नहीं की जा सकती क्योंकि उनके अंदरूनी मसले अभी तक उलझे हुए हैं। नवाज शरीफ और इमरान खान दोनों पाकिस्तान तालिबान से शांतिवार्ता की बात कर रहे हैं लेकिन ये संबंध बिगड़े ही रहेंगे।