नजीब-केजरी की जंग में जानिए क्या हो सकती है राष्ट्रपति की राय
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच चल रहे विवाद पर अपनी राय से बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अवगत करा दिया। इससे पहले, इस मुद्दे पर राजनाथ ने अटार्नी जनरल से राय-मशविरा किया।
गृहमंत्रालय दिल्ली की कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति के मामले में उपराज्यपाल के फैसले को सही ठहरा रहा है। हालांकि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राजनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल और एलजी नजीब जंग को पूरा मामला अपने ही स्तर पर सुलझाना चाहिए।
लेकिन राष्ट्रपति दिनों दिन तीखे हो रहे इस तकरार को केंद्र के भरोसे छोड़ने के पक्ष में नहीं है। वह इस मामले में प्रेसिडेंशियल रिफरेंस के तहत गृहमंत्रालय से औपचारिक राय मांग सकते हैं।
जंग को जल्दी निपटाने के पक्ष में राष्ट्रपति
उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल और जंग के बीच आपसी सुलह को पहले विकल्प के तौर पर आजमाया जा रहा है। यह सलाह देकर गृहमंत्रालय दिल्ली का तापमान भांपना चाह रहा है। लेकिन राष्ट्रपति दिल्ली में इस ‘जंग’ को खिंचने नहीं देना चाहते।
सूत्रों के मुताबिक, वह संविधान की धारा 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में सलाह लेने का मन बना रहे हैं। इसके लिए संवैधानिक विशेषज्ञों से भी राय शुमारी चल रही है।
सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि केजरीवाल, नजीब जंग और गृहमंत्रालय जीएनसीटी एक्ट, ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या अपने-अपने दृष्टिकोण से कर रहे हैं। इन मामलों में मौजूद बारीक कानूनी पहलुओं के आधार पर किसी की बात को काटना मुश्किल हो रहा है।