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देश की राजनीति में क्या गुल खिलाएगी 'आप'?

Tue, 10 Feb 2015 08:31 PM IST
Updated Tue, 10 Feb 2015 08:31 PM IST
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what is the future of aam aadmi party in national politics?

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की धमाकेदार जीत देश की राजनीति में नया गुल खिलाएगी। अस्सी के दशक में कांग्रेस निकलकर विश्वनाथ प्रताप सिंह ने राजीव गांधी और कांग्रेस के खिलाफ पूरे विपक्ष को एकजुट किया था, उसी तरह अब अरविंद केजरीवाल विपक्षी राजनीति की धुरी बनेंगे।

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दिल्ली के बाद आप का अगला निशाना पंजाब ,उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे कुछ राज्य होंगे। आप की रणनीति दो स्तर पर काम करने की है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कोशिश होगी कि दिल्ली में एक साफ सुथरी सरकार और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देकर कामकाज का एक बेहतर मॉडल पेश करके वह दिल्ली के बाहर जन आकांक्षाओं का केंद्र बन जाएं। तब देश के अन्य क्षत्रप नेताओं की उनके साथ आने की वैसी ही मजबूरी होगी जैसी कभी देवीलाल, एनटी रामराव, रामकृष्ण हेगड़े, बीजू पटनायक जैसे दिग्गज और भाजपा व वाम दल जैसे धुर विरोधी विश्वनाथ प्रताप सिंह के छाते के नीचे आ गए थे। वहीं पार्टी के वह नेता जो सरकार में शामिल नहीं होंगे, वह अन्य राज्यों में पार्टी के विस्तार और समान विचार वाले दलों के साथ तालमेल का काम करेंगे।

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नहीं करेंगे जल्दबाजी

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यह जानकारी देने वाले आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस बार हम वह गलती और जल्दबाजी नहीं करेंगे जो उन्होंने पिछली बार लोकसभा चुनाव के दौरान की थी। पहले दिल्ली में सरकार उन वादों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी जो इन चुनावों के दौरान पार्टी घोषणा पत्र में किए गए हैं।

इसका पूरा खाका पार्टी की सर्वोच्च निर्णायक संस्था राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) में तैयार होगा। केजरीवाल के बेहद करीबी माने जाने वाले नेताओं में एक आम आदमी पार्टी के इस नेता के मुताबिक संजय सिंह, भगवंत मान, आशुतोष, योगेंद्र यादव, कुमार विश्वास जैसे प्रमुख नेता पार्टी के विस्तार और भावी रणनीति पर काम करेंगे।

इसमें एक तरफ तो नीतीश कुमार, शरद यादव, ममता बनर्जी, जैसे साफ सुथरी छवि वाले छत्रप नेताओं के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाया जाएगा, वही दूसरी तरफ उन राज्यों में जहां अगले कुछ वर्षों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें पार्टी के संगठन और आधार को बढाने का काम होगा।

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आम आदमी पार्टी का अभियान

what is the future of aam aadmi party in national politics?

पार्टी की प्राथमिकता में पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी के चार सांसद हैं और वहां अकाली भाजपा सरकार के खिलाफ जबर्दस्त असंतोष है।

लोकसभा चुनावों में आप को खासा जन समर्थन मिला था। पार्टी वहां सबसे पहले काम शुरु करेगी। इस नेता केमुताबिक पंजाब में आप सरकार बनाने के लिए चुनाव में उतरेगी और सांसद भगवंत मान राज्य में पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे। आप की यह योजना कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी है जो पंजाब को लेकर खासी आशावान है।

आप के उक्त नेता ने साफ किया बिहार में पार्टी अभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी जिससे भाजपा को ताकत मिले और नरेंद्र मोदी का जो विजय रथ दिल्ली में रुक गया है, वह फिर चल पड़े। इसलिए मुमकिन है कि बिहार में आप जद(यू), राजद, कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा भी बन सकती है। लेकिन उत्तर प्रदेश में पार्टी की रणनीति अलग होगी।

वहां जिस तरह सपा का ग्राफ उतार पर है और बसपा भी उभर नहीं पा रही है। कांग्रेस दिशा हीन है। ऐसे में आप उत्तर प्रदेश में खुद को एक विकल्प केरूप में पेश करने की संभावना देख रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और कुमार विश्वास को उत्तर प्रदेश में यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

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