मोदी की स्मार्ट सिटी में क्या होंगी खूबियां?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोदी सरकार की सौ नए स्मार्ट सिटी तैयार करने की घोषणा को आकार देने के लिए शहरी विकास मंत्रालय में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।
शुरुआती बैठकों में बनी आमराय के आधार पर 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानी को पहले पहल स्मार्ट सिटी में परिवर्तित करने की घोषणा हो सकती है।
वहीं, आर्थिक क्षमता, पर्यटन और तीर्थ के लिहाज से महत्वपूर्ण शहरों और सेटेलाइट शहरों को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने को तवज्जो दी जाएगी।
नए शहर के मानक तय करने पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के भाषण में स्मार्ट सिटी के संबंध में सरकार की तैयारियों का उल्लेख हो सकता है।
यही वजह है कि मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ वर्ल्ड बैंक से लेकर केपीएमजी और डेलॉयट जैसे संस्थानों की नए शहर के मानक तय करने पर चर्चाएं हो रही हैं।
रियल एस्टेट, आईटी कंपनियों समेत तमाम पक्षकारों से सलाह मशविरे के आधार पर दो हफ्ते के अंदर स्मार्ट सिटी के मानक तैयार कर लिए जाएंगे और माह के अंत तक इस संदर्भ में कैबिनेट का मसौदा भी तैयार हो जाएगा।
ऐसे होंगे स्मार्ट सिटी
माना जा रहा है कि स्मार्ट सिटी में स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाने, तकनीक के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा।
शासन और स्वच्छता पर जोर होने के साथ नागरिकों की मूलभूत सुविधाएं, यातायात, रोजमर्रा के काम में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के इस्तेमाल पर जोर होगा।
शहरों को स्मार्ट सिटी में बदलने से पहले सरकार शहर की आर्थिक उन्नति, रोजगार के अवसर, शहर का महत्व, मूलभूत ढांचे में परिवर्तन और सुधार की गुंजाइश, सड़क, हाईवे, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं के पहलुओं पर भी गौर करेगी।
महत्वपूर्ण विभागों के बीच सामंजस्य स्थापित करने और ऐसे शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के भी कदम उठाए जाएंगे।
नए शहर बसाने में कई पेंच भी
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सौ नए शहरों को बसाना आसान नहीं है। नया शहर तैयार करने में सबसे पहले पर्यावरण मंत्रालय के नियम व शर्त आड़े आएंगे।
वहीं नए सिरे से शहर में मूलभूत सुविधाओं से लेकर सभी आधुनिक सुविधाएं देना आसान नहीं होगा। इसलिए चार-पांच से ज्यादा नए शहर तैयार होने की उम्मीद नहीं है। हालांकि स्मार्ट सिटी बनाने पर अंतिम फैसला राज्य सरकारें लेंगी।
एक दफा कैबिनेट से स्मार्ट सिटी की रूपरेखा को मंजूरी मिलने के बाद राज्यों से शहरों के नाम प्रस्ताव के तौर पर मंगाए जाएंगे। हालांकि सभी राज्यों की राजधानी के स्मार्ट सिटी में तब्दील होने की संभावना सर्वाधिक है।