क्या है आजमगढ़ का 'इराक कनेक्शन'?
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इन दिनों खुफिया एजेंसियां आजमगढ़ का ‘इराक कनेक्शन’ तलाशने में जुटी हैं। पिछले दिनों इराक में छिड़े गृहयुद्ध में मुंबई के कल्याण बाजार पेट परिसर में रहने वाले चार युवकों के शामिल होने की बात सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां यह पता करने में जुटी हैं कि उन युवकों से आजमगढ़ के उन फरार आतंकी युवकों के बीच कोई संबंध तो नहीं हैं, जो बटला इनकाउंटर जैसे मामलों में वांछित हैं। जिन पर दस-दस लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। इसके लिए ये एजेंसियां जिले में इन युवकों के परिवारीजनों के साथ-साथ रिश्तेदारों और करीबियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) के एक अधिकारी ने बताया कि आजमगढ़ और आसपास के जिलों के बहुत से लोग खाड़ी देशों में जीविकोपार्जन के लिए रह रहे हैं। इनमें सैकड़ों लोग केवल इराक में हैं। ऐसे में बहुत संभव है कि फरार आतंकियों की सूची में शामिल जिले के सर्फुद्दीन, अबू राशिद, आरिज खान, मिर्जा सादाब बेग, डा. शाहनवाज, मो. खालिद, बड़ा साजिद आदि का इधर इन लोगों से कोई नया संपर्क हुआ हो।
जिले में कई स्थानों पर छापेमारी
अधिकारी के अनुसार आईबी को पक्का विश्वास है कि मुंबई के कल्याण बाजार पेट परिसर से पिछले दिनों जो चार युवक गायब हुए हैं और जिनके इराक के गृहयुद्ध में जिहादी के तौर पर शामिल होने की बात सामने आ रही है, के संबंध आजमगढ़ के फरार आतंकी युवकों से हैं।
अधिकारी ने बताया कि यह जानकारी होने पर जिले में कई स्थानों पर छापेमारी की गई लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। अब हम इन आतंकी युवकों के घरवालों के अलावा रिश्तेदारों और शुभचिंतकों पर पैनी नजर रख रहे हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही सफलता मिलेगी।
वाराणसी जोन के आईजी प्रकाश डी का कहना है कि ऐसे लोगों के विषय में जानकारी हासिल करने में आईबी, एटीएस लगी हुई हैं। हम उनके कार्य में उन्हें पूरा सहयोग कर रहे हैं।